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परमाणु भाप टर्बाइनों की आपूर्ति के लिए जीई स्टीम पावर ने किया बीएचईएल से अनुबंध

परमाणु भाप टर्बाइनों की आपूर्ति के लिए जीई स्टीम पावर ने किया बीएचईएल से अनुबंध

जीई स्टीम पावर ने कहा कि बीएचईएल के साथ उसने एनपीसीआईएल के परमाणु कार्यक्रम- चरण 1 के लिए गोरखपुर, हरियाणा (इकाइयों - 1 से 4 (जीएचएवीपी)) और कैगा (कैगा-5&६) में विकसित किए जा रहे छह इकाइयों में से तीन परमाणु भाप टर्बाइनों की आपूर्ति  के लिए  165 मिलियन अमरीकी डालर के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। इस कार्यक्रम में एनपीसीआईएल द्वारा  अपनी परमाणु रिएक्टर तकनीक यानी प्रेशराइज्ड हैवी वाटर रिएक्टर के साथ विकसित की जा रही 700 मेगावाट की 12 इकाइयाँ शामिल है।  कुल मिलाकर, यह देश के लिए 8.4GW कार्बन डाई ऑक्साइड मुक्त बिजली का उत्पादन  करेगा, जो 14 मिलियन से अधिक घरों को बिजली देने के लिए पर्याप्त है, यह कहा।

जीई गुजरात के साणंद में  में परमाणु भाप टरबाइन का निर्माण करेगा जो एक बेहतर डिजाइन के साथ इंजीनियर और निर्मित किया जायेगा । "जीई स्टीम पावर में, हमें बीएचईएल के साथ साझेदारी करने और एक विश्वसनीय और कम कार्बन ऊर्जा भविष्य के लिए एनपीसीआईएल और भारत का समर्थन करना जारी रखने पर गर्व है।
जीई स्टीम पावर के न्यूक्लियर न्यू बिल्ड लीडर फ्रैड्रिक विस्कार्ट ने कहा, "जीई में साणंद में हमारी सुविधा के साथ, हमारे पास भारत के घरेलू कार्यक्रम की परमाणु आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए स्थानीय विनिर्माण क्षमता है।"

दुनिया के 50 प्रतिशत परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में आज जीई की स्टीम टर्बाइन तकनीक काम करती है, जो वैश्विक ग्रिड के लिए 200 गीगावाट (GW) का उत्पादन करती है। काकरापार (केएपीपी) और रावतभाथा (आरएपीपी) में चल रही एनपीसीआईएल परियोजनाओं के लिए जीई स्टीम पावर ने भेल के साथ कंसोर्टियम में परमाणु भाप टर्बाइनों की आपूर्ति की है, जो एक बार पूरा होने पर 2.8GW कार्बन डाई ऑक्साइड मुक्त ऊर्जा प्रदान करेगा।