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अगर ऐसा नहीं हुआ तो दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में अंधेरा छा जाएगा

अगर ऐसा नहीं हुआ तो दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में अंधेरा छा जाएगा

नई दिल्ली। दिल्ली की केजरीवाल सरकार के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि देश में थर्मल पॉवर प्लांट में कोयले की कमी आई है जिसकी वजह से बिजली उत्पादन कम हुआ है। दिल्ली में कोयले से बिजली उत्पादन नहीं होता है। दूसरे राज्यों के पॉवर प्लांट से दिल्ली में अधिकतम बिजली आपूर्ति की जाती है।‌ केंद्र सरकार से दिल्ली सरकार अपील करती है कि रेलवे वैगन का इंतजाम किया जाए और जल्द से जल्द कोयले को पावर प्लांट तक पहुंचाया जाए। दिल्ली सरकार कोशिश कर रही है कि किसी भी तरह बिजली खरीद कर पर्याप्त आपूर्ति की जाए।

इस बीच, कोयले की कमी की वजह से जारी बिजली संकट को लेकर देश का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कोयले की कमी की वजह से राजधानी दिल्ली में बिजली संकट पैदा होने की जानकारी देते हुए कोयले की कमी को दूर करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही कोयले की कमी के इस संकट पर काबू नहीं पाया गया तो दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में अंधेरा छा जाएगा।

देश में चल रहे कोयला संकट के मद्देनज़र दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की है। इस बैठक में बिजली विभाग के अधिकारियों और सभी ऊर्जा कंपनियों को बुलाया गया। इस दौरान सत्येंद्र जैन ने कहा कि पूरे देश में कोयले से चलने वाले पॉवर प्लांट में कोयले की कमी आई है। जिसकी वजह से बिजली उत्पादन बेहद कम हो गया है।

उन्होंने कहा कि देश में बिजली की मांग काफी कम है। इसके बाद भी पॉवर प्लांट बिजली का उचित उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं। दिल्ली में कोयले से बिजली का उत्पादन नहीं किया जाता है। दिल्ली के बाहर स्थित पॉवर प्लांट से दिल्ली में अधिकतम बिजली आपूर्ति की जाती है। ज्यादातर बिजली केंद्र सरकार के एनटीपीसी से खरीदी जाती है, जहां कोयले का भंडार कम से कम एक महीने का रखना होता है, जो घट कर एक दिन का ही रह गया है। इसके अलावा ज्यादातर पावर प्लांट अपनी 100 फीसद क्षमता पर नहीं चल रहे हैं।

सत्येंद्र जैन ने कहा कि केंद्र सरकार से दिल्ली सरकार अपील करती है कि रेलवे वैगन का इंतजाम किया जाए और जल्द से जल्द कोयले को इन पॉवर प्लांट तक पहुंचाया जाए और कम से कम एक महीने का भंडार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही देश के सभी पॉवर प्लांट को उनकी 100 फीसद क्षमता पर चलाया जाए।

उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली में तीन पॉवर प्लांट हैं। इनसे जितनी बिजली का उत्पादन हो सकेगा, दिल्ली सरकार द्वारा उतना उत्पादन किया जाएगा, चाहे वो किसी भी दर पर हो। दिल्ली सरकार कोशिश कर रही है कि किसी भी तरह और किसी भी दर पर बिजली खरीद कर दिल्ली में बिजली आपूर्ति को पूरा किया जाए।

(मेधज न्यूज़ /श्री राम शॉ)

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