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भारत में ओमिक्रॉन की एंट्री, संपर्क में आने वाले 2 लोग संक्रमित, हो जाएं सावधान

भारत में ओमिक्रॉन की एंट्री, संपर्क में आने वाले 2 लोग संक्रमित, हो जाएं सावधान

नई दिल्ली: पूरे विश्व में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) के आने से दहशत फैली हुई है। कर्नाटक के बेंगलुरू में ओमिक्रॉन के 2 संक्रमित मरीज पाए गए हैं। स्वास्थय मंत्रालय  ने इसकी जानकारी दी है। मरीजों की पहचान स्वास्थय मंत्रालय ने नहीं बताई है। मरीजों का ट्रीटमेंट किया जा रहा है। एक व्यक्ति 66 साल का है, जो दक्षिण अफ्रीका (South Africa) से आया था। हल्का बुखार होने पर अस्पताल पहुंचा तो कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इलाज के बाद उसने किसी लैब से कोविड सर्टिफिकेट की रिपोर्ट ली और चला गया। दूसरा व्यक्ति 46 साल का हेल्थ वर्कर है, जो भारतीय है और वह विदेश गया ही नहीं था। 

जानकारी के मुताबिक कर्नाटक में ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीज 21 नवंबर को ही पॉजिटिव मिल चुका था, लेकिन उसके सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए नहीं भेजे गए। 26 नवंबर को जब WHO ने नए ‘वैरिएंट ऑफ कंन्सर्न’ के बारे में चेताया तो सरकार ने विदेश से आने के बाद संक्रमित मिले सभी लोगों के सैंपल सीक्वेंसिंग के लिए भेजे। इसी रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि वह व्यक्ति ओमिक्रॉन से संक्रमित था। दोनों संक्रमितों के संपर्क में आए 300 से ज्यादा लोगों की जांच की गई। इनमें 10 पॉजिटिव पाए गए। उनमें ओमिक्रॉन है या नहीं, इसकी जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। 
दक्षिण अफ्रीका (South Africa) में मिले कोराना वायरस के नए वेरिएंट 'ओमीक्रान' (Omicran) सामने आने के बाद दुनिया भर में दहशत फैल गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि 'ओमीक्रान' डेल्टा वेरिएंट से भी अधिक खतरनाक है। ‘ओमीक्रान' (Omicron) वेरिएंट, जिसे वंश B.1.1.1.529 के रूप में भी जाना जाता है, यह सार्स-सीओवी-2 वेरिएंट (SARS-CoV-2) का एक प्रकार है, जो वायरस COVID-19 का कारण बनता है। 

26 नवंबर को, SARS-CoV-2 वायरस इवोल्यूशन पर WHO के तकनीकी सलाहकार समूह ने B.1.1.1.529 को चिंता का एक प्रकार नामित किया और इसे Nu या Xi के बजाय Omicron पदनाम दिया।

बड़ी संख्या में है Mutations


WHO ने कहा कि इस वेरिएंट (Mutations) में बड़ी संख्या में म्यूटेशन हैं, जिनमें से कुछ चिंता का विषय हैं। डब्ल्यूएचओ ने यह भी कहा, "प्रारंभिक साक्ष्य अन्य वीओसी की तुलना में इस वेरिएंट के साथ पुन: संक्रमण के बढ़ते जोखिम का सुझाव देते हैं। दक्षिण अफ्रीका के लगभग सभी प्रांतों में इस प्रकार के मामलों की संख्या बढ़ती दिख रही है। वर्तमान सार्स-सीओवी-2 पीसीआर डायग्नोस्टिक्स (SARS-CoV-2 PCR Diagnostics) इस प्रकार का पता लगाना जारी रखते हैं। कई प्रयोगशालाओं ने संकेत दिया है कि एक व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले पीसीआर परीक्षण के लिए, तीन लक्ष्य जीनों में से एक का पता नहीं चला है और इसलिए इस परीक्षण को इस प्रकार के लिए मार्कर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।"

जानें क्या है म्यूटेशन 


कोराना वायरस के इस नए वेरिएंट में बड़ी संख्या में म्यूटेशन हैं, जिनमें से कुछ संबंधित हैं। 32 म्यूटेशन स्पाइक प्रोटीन को प्रभावित करते हैं, संक्रमण से उत्पन्न एंटीबॉडी का मुख्य एंटीजेनिक लक्ष्य और व्यापक रूप से प्रशासित कई टीके। उनमें से कई म्यूटेशन अन्य Strains में नहीं देखे गए थे। 

वेरिएंट में 30 अमीनो एसिड परिवर्तन, तीन छोटे विलोपन और मूल वायरस की तुलना में स्पाइक प्रोटीन में एक छोटा सा सम्मिलन है, जिनमें से 15 रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन (अवशेष 319-541) में स्थित हैं। यह अन्य जीनोमिक क्षेत्रों में कई परिवर्तन और विलोपन भी करता है। ध्यान दें कि, फ्यूरिन क्लीवेज साइट पर वेरिएंट के तीन म्यूटेशन हैं। फ्यूरिन क्लीवेज साइट SARS-CoV-2 संक्रामकता को बढ़ाती है।