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स्पाइसजेट की लापरवाही से एयरपोर्ट पर एक बार फिर यात्रियों को दिक्कत

स्पाइसजेट की लापरवाही से एयरपोर्ट पर एक बार फिर यात्रियों को दिक्कत

भारत में एयरलाइंस में तकनीकी खामियां लगातार सामने आ रही हैं,  जिसके चलते विमानन नियामक डीजीसीए  ने कई एयरलाइंस पर सख्ती भी दिखाई है।  इस बीच स्पाइसजेट  की एक बड़ी लापरवाही देखने को मिली है, स्पाइसजेट की हैदराबाद-दिल्ली फ्लाइट  से बड़ी संख्या में उतरे पैसेंजरों को दिल्ली एयरपोर्ट के टरमैक  पर पैदल चलना पड़ा, यात्रियों को एयरपोर्ट  टर्मिनल  तक ले जाने के लिए करीब 45 मिनट तक बस मुहैया नहीं करा सकी।

 विमानन नियामक डीजीसीए घटना की जांच कर रहा है, हालांकि स्पाइसजेट की ओर से जारी बयान में खा है कि कोचों के आने में थोड़ी देरी हुई, लेकिन जैसे ही बसें आईं, सभी यात्रियों को उसमें बैठाकर टर्मिनल बिल्डिंग तक ले जाया गया। 

एयरलाइन के स्टाफ के बार-बार अनुरोध के बावजूद कुछ यात्रियों ने टर्मिनल की ओर पैदल चलना शुरू कर दिया,  बसों के आने तक वे मुश्किल से कुछ ही मीटर चले होंगे, जिसके बाद सभी को बस में बैठाकर टर्मिनल तक ले जाया गया।

टरमैक एयरपोर्ट पर रनवे से साइड वाला क्षेत्र होता है, जिस पर यात्रियों को लाने के लिए बसों को ही चलने की अनुमति है, इस पर यात्रियों के पैदल चलने की अनुमति नहीं है क्योंकि यह सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हो सकता है, केवल वाहनों के लिए ही टरमैक पर एक सीमांकित मार्ग है।  इसलिए  एयरलाइंस यात्रियों को टर्मिनल से विमान तक ले जाने और वापस टर्मिनल तक लाने के लिए बसों का उपयोग करती हैं।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के आदेशों के बाद  स्पाइसजेट वर्तमान में अपनी 50 प्रतिशत से अधिक उड़ानों का संचालन नहीं कर रही है, क्यूँकि डीजीसीए ने जुलाई में एयरलाइन की उड़ानों पर आठ सप्ताह की अवधि के लिए रोक लगा दी थी, 19 जून से 5 जुलाई के बीच स्पाइसजेट के विमानों में तकनीकी खराबी की कम से कम आठ घटनाएं सामने आई थीं।

स्पाइसजेट की हैदराबाद-दिल्ली उड़ान अपने गंतव्य पर उतरी, इस दौरान इसमें 186 यात्री सवार थे, जिसके बाद एक बस तुरंत आई और कुछ यात्रियों को टर्मिनल 3 पर ले गई, बाकी यात्रियों ने करीब 45 मिनट तक इंतजार किया और जब उन्हें कोई बस नहीं दिखी तो वे टर्मिनल की ओर चलने लगे, जो करीब 1.5 किमी दूर था। इन यात्रियों के करीब 11 मिनट तक टरमैक पर चलने के बाद एक बस उन्हें टर्मिनल तक ले जाने के लिए आई।

स्पाइसजेट ने अपने बयान में कहा कि स्पाइसजेट की उड़ान हैदराबाद-दिल्ली के यात्रियों को टर्मिनल की ओर पैदल चलने के लिए मजबूर किया गया था, यह सब  स्पाइसजेट को बदनाम करने की साजिश है , यात्रियों को टरमैक से टर्मिनल बिल्डिंग तक ले जाने के लिए कोचों के आने में सिर्फ कुछ देरी हुई थी।