होम > भारत

लोकसभा-राज्यसभा में भारी हंगामे के बीच सांसदों का निलंबन

लोकसभा-राज्यसभा में भारी हंगामे के बीच सांसदों का निलंबन

राज्यसभा के 19 सांसदों को संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सदन  में प्रवेश और नारेबाजी करने के लिए निलंबित कर दिया गया हैं। जिन 19 सांसदों को सप्ताह के शेष भाग के लिए सस्पेंड किया गया है, उन सांसदों में तृणमूल कांग्रेस से 7 - सुष्मिता देब, डॉ. शांतनु सेन, डोला सेन, मौसम नूर, शांता छेत्री, नदीमुल हक, अभीरंजन विश्वास, डीएमके से 6 -हमीद अब्दुल्ला, आर गिरिरंजन, एनआर एलांगो, एम षनमुगम, एस कल्याण सुंदरम और कनिमोझी,टीआरएस से 3 - बीएल यादव, दामोदर राव दिवाकोंडा व  रविहंद्रा वेद्दिराजू , माकपा से 2-ए.ए रहीम व वी. शिवदासन और भाकपा से संतोष कुमार  शामिल हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ सरकार महंगाई के मुद्दे पर बहस के लिए तैयार थी। उसी दौरान ये लोग लगातार उपद्रव करते हुए चेयरमैन के अपील की अवेहलना कर रहे थे।

मुद्दा महँगाई व अन्य मुद्दों को लेकर था, जिस बीच तृणमूल कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए कहा गया कि आप हमें सस्पेंड कर सकते हैं , लेकिन हमारे मुद्दों और हमारी बातों को आप सांसद में रखने से हमे चुप नहीं कर सकते हैं। बात अधिक बिगड़ती देख लोकसभा में हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला द्वारा कांग्रेस के चार सदस्यों - ज्योतिमणी, माणिकम टैगोर, टीएन प्रथापन और राम्या हरिदास को पूरे सत्र के लिए निलंबित किए जाने के अन्य दल भी हंगामे पर उतर आये। विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला  की ओर से दोपहर 2.30 बजे तक के लिए लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

महंगाई की बढ़ती दरों और जरूरी वस्तुओं पर जीएसटी के मुद्दे को लेकर तख्तियां और बैनर लेकर हंगामा करने वाले विपक्ष के सांसदों ने पीएम नरेंद्र मोदी से संसद में आकर उनकी मांगे सुनने और उसपर विचार करने की बात कही, विपक्ष चाहता हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी भारत के आम नागरिकों की आम जरुरतो को देखते हुए रोज मर्रा की रोजी रोटी कमाने वालों को ध्यान में रखकर बढ़ती महंगाई के मसले पर सख्त कदम उठाएं।  संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत 18 जुलाई से हुई है लेकिन विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही लगातार बाधित हुई है।