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NOC द्वारा राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण के सतत विकास लक्ष्य को पूरा करेंगे

NOC द्वारा राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण के सतत विकास लक्ष्य को पूरा करेंगे

भारत सरकार के राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (एन0एस00) से समन्वय रखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण-79वीं  आवृत्ति के अन्तर्गत ‘‘व्यापक वार्षिक माड्यूलर सर्वेक्षण (CAMS)’’के द्वारा सतत विकास लक्ष्य, 2030 के महत्वपूर्ण संकेताकों एवं आयुष पर सर्वेक्षण (Survey on Ayush) के द्वारा आयुष के उपयोग सम्बन्धी विषय पर आँकड़े एकत्रित किये जायेंगे, जिसके लिए भारत सरकार द्वारा सम्पूर्ण प्रदेश से 1688 प्रतिदर्श इकाइयों का चयन किया गया है। इसमें से 1116 प्रतिदर्श इकाइयाँ ग्रामीण एवं 572 प्रतिदर्श  इकाइयाँ नगरीय क्षेत्र से सम्बन्धित है। सर्वेक्षण की अवधि 01 जुलाई, 2022 से 30 जून, 2023 तक होगी।

अर्थ एवं  संख्या  विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस आवृत्ति के सर्वेक्षण में व्यापक रूप से दो प्रकार की अनुसूची प्रारूपों का प्रयोग किया जायेगा। एक अनुसूची द्वारा ‘‘व्यापक वार्षिक माड्यूलर सर्वेक्षण (CAMS)’’के अन्तर्गत सतत विकास लक्ष्य, 2030 के 08 वैश्विक संकेताकों (Global Indicators) तथा 08 राष्ट्रीयसंकेताकों (National Indicators) पर इस सर्वेक्षण के माध्यम से परिवारों में मोबाइल, कम्प्यूटर इंटरनेट सुविधा आधुनिकतम तकनीक के उपयोग से सम्बन्धित सूचनाओं का संकलन किया जाना है। साथ ही लोगों के बैंकों में खातों की सुविधा, शिक्षा, रोजगार, प्रशिक्षण, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आई0सी0टी) कौशल वाले युवाओं और वयस्कों का अनुपात, शौचालय सुविधा एवं स्वच्छता सेवा, पेयजल का मुख्य स्रोत उपलब्धता जल प्रबंधन, पारिवारिक उपभोग व्यय, आर्थिक गतिविधि के सम्बन्ध में आंकड़ें एकत्र किये जाने है। दूसरी अनुसूची द्वारा ‘‘आयुष पद्धति’’के अन्तर्गत आयुष चिकित्सा सेवाओं औषधियों के प्रति जागरूकता, उनके उपभोग एवं खर्च आदि पर सूचनाएं एकत्र की जायेंगी।

इस सर्वेक्षण द्वारा ‘‘सतत विकास लक्ष्य-2030’’ के सांख्यिकीय सूचकों का उपयोग योजना संरचना एवं अनेक स्तरों जैसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, सार्वजनिक यातायात, स्वच्छता पेयजल, जन्म पंजीकरण की उपलब्धता आदि पर नीति निर्माण एव निर्धारण करने हेतु सहायक होगें। साथ ही आयुष पर सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य लोगों में आयुष पद्धति की चिकित्सा सेवाओं औषधियों के प्रति जागरूकता एवं औषधीय पौधों का ज्ञान इनके इस्तेमाल का पता लगाना है जिसके निष्कर्षो के आधार पर आयुष पद्धति का लोगों के बीच और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

इस विषय पर योजना भवन, नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के सभाकक्ष-111 में प्रशिक्षकों का दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण गोष्ठी का आयोजन किया गया है। प्रशिक्षण गोष्ठी में प्रदेश के समस्त मण्डल के उपनिदेशक एवं जनपदों के अर्थ एवं संख्याधिकारी द्वारा प्रतिभाग किया गया। सर्वेक्षणकर्ताओं का प्रशिक्षण मण्डल स्तर पर दिनांक 06 एवं 07 जुलाई, 2022 एवं 07 एवं 08 जुलाई, 2022 की अवधि में आयोजित किया जायेगा, तत्पश्चात् सर्वेक्षण कार्य सम्पूर्ण प्रदेश में प्रारम्भ होगा।