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दिशानिर्देश: अब मांग के अनुसार जितनी बिजली की जरूरत होगी, उतनी ही बिजली मिलेगी

दिशानिर्देश: अब मांग के अनुसार जितनी बिजली की जरूरत होगी, उतनी ही बिजली मिलेगी

नई दिल्ली। पिछले 10 दिनों के दौरान दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों को दी गई घोषित क्षमता (डीसी) को ध्यान में रखते हुए विद्युत मंत्रालय ने एनटीपीसी और डीवीसी को निर्देश जारी किए हैं ताकि दिल्ली को बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इससे यह सुनिश्चित होगा कि दिल्ली की वितरण कंपनियों को उनकी मांग के अनुसार जितनी बिजली की आवश्यकता होगी उतनी ही बिजली मिलेगी।

विद्युत मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश के अनुसार, एनटीपीसी और डीवीसी दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों को उनके कोयला आधारित बिजली संयंत्रों से संबंधित पीपीए के तहत आवंटन के अनुसार मानक घोषित क्षमता (डीसी) की पेशकश कर सकते हैं। एनटीपीसी और डीवीसी दोनों ने दिल्ली को उतनी ही बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है जितनी दिल्ली की वितरण कंपनियों द्वारा मांग की जाती है।

इसके अलावा, एनटीपीसी संबंधित पीपीए के तहत दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों को उनके आवंटन (गैस आधारित बिजली संयंत्रों से) के अनुसार मानक घोषित क्षमता (डीसी) की पेशकश कर सकती है। दिल्ली डिस्कॉम को डीसी ऑफर करते समय स्पॉट, एलटी-आरएलएनजी आदि सहित सभी स्रोतों से उपलब्ध गैस को शामिल किया जा सकता है।

साथ ही, कोयला आधारित बिजली संयंत्रों से बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए बिना आवंटन वाली बिजली के उपयोग के संबंध में भी दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इन दिशानिर्देशों के तहत राज्यों से अनुरोध किया गया है राज्य के उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति के लिए बिना आवंटन वाली बिजली का उपयोग किया जाए और अधिशेष बिजली की स्थिति में उसकी सूचना देने का अनुरोध किया गया है ताकि उसे आवंटन अन्य जरूरतमंद राज्यों को आवंटित किया जा सके।

इसके अलावा, यदि कोई राज्य बिजली एक्सचेंज में बिजली बेचता हुआ पाया जाता है अथवा बिना आवं‍टन वाली इस बिजली को शेड्यूल नहीं कर रहा है तो उनकी बिना आवंटन वाली बिजली को अस्थायी रूप से कम किया जा सकता है अथवा वापस लिया जा सकता है ताकि अन्य राज्यों को नए सिरे से उसे आवंटित किया सके जिन्हें ऐसी बिजली की आवश्यकता है।

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