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केंद्रीय विश्वविद्यालयों में रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा, नई नीति हो रही तैयार

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा, नई नीति हो रही तैयार

नई दिल्ली| रिसर्च को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्रीय विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय स्तर पर नीति बनाने पर काम हो रहा है। कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों में इसके लिए रिसर्च कमेटी व प्रमोशन बोर्ड का गठन किया जा रहा है। 


यह बोर्ड विश्व पटल पर शोध के लिए विश्वविद्यालयों को प्लेटफार्म देगा। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में रिसर्च प्रमोशन बोर्ड इसके माध्यम से जुड़ने वाले नए शिक्षकों को एक लाख रुपये का आरंभिक अनुदान प्रदान करेगा। 


इसके उपयोग से तकनीकी व प्रायोगिक उपकरण आदि विकसित किए जा सकते हैं। शोध कार्यों के महžव और आवश्यकता को समझते हुए हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय ने रिसर्च प्रमोशन बोर्ड का गठन किया गया है। विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार की अध्यक्षता में इस बोर्ड के माध्यम से अब विश्वविद्यालय को विश्व पटल पर शोध के लिए आदर्श विश्वविद्यालय की पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।


कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार का कहना है हम एक टीम के रूप में योजनागत ढ़ंग से प्रयास करें और शोध व नवाचार के लिए आवश्यक विभिन्न उपायों को लागू करेंगे।


उन्होंने कहा कि इस बोर्ड के माध्यम से विश्वविद्यालय से जुड़ने वाले नए शिक्षकों को एक लाख रुपए का प्रारम्भिक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। जिसका उपयोग कर वे अपना ऑफिस, आवश्यक तकनीकी व प्रायोगिक उपकरण आदि विकसित कर सकते हैं।


इसी क्रम में बोर्ड ने विश्वविद्यालय स्तर पर बीस लाख रुपए विशेष रूप से शोध अनुदान राशि के तौर पर शिक्षकों को प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस अनुदान राशि को प्रदान करने का निर्णय रिसर्च प्रमोशन बोर्ड के माध्यम से किया जाएगा।


केंद्रीय विश्वविद्यालय में शिक्षकों को शोध के स्तर पर प्रोत्साहित करने की दिशा में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। जिसके अंतर्गत प्रत्येक शिक्षक को साल में कम से कम दो शोध पत्र प्रकाशित कराने के लिए निर्देशित किया गया है। इसी तरह विभागीय स्तर पर उल्लेखनीय शोध पत्र प्रकाशित करने हेतु शिक्षकों को सम्मानित भी किया जाएगा।


शोध व अनुसंधान की प्रक्रिया को गति प्रदान करने के उद्देश्य से शिक्षकों को साल में एक बार यात्रा अनुदान भी प्रदान किया जाएगा, इसके माध्यम से वह अपने शोध के लिए आवश्यक भ्रमण कार्य सहज रूप से कर सकेंगे। कुलपति ने इन प्रयासों के अंतर्गत विशेष रूप से स्थानीय व राष्ट्रीय स्तर के सामाजिक महžव से संबंधित शोध कार्यों पर जोर देने के लिए शिक्षकों को प्रेरित किया ताकि विश्वविद्यालय में विकसित ज्ञान का लाभ जनमानस तक पहुंच सके।


शोध व अनुसंधान की प्रक्रिया को गति प्रदान करने के उद्देश्य से शिक्षकों को साल में एक बार यात्रा अनुदान भी प्रदान किया जाएगा, इसके माध्यम से वह अपने शोध के लिए आवश्यक भ्रमण कार्य सहज रूप से कर सकेंगे। कुलपति ने इन प्रयासों के अंतर्गत विशेष रूप से स्थानीय व राष्ट्रीय स्तर के सामाजिक महत्व से संबंधित शोध कार्यों पर जोर देने के लिए शिक्षकों को प्रेरित किया ताकि विश्वविद्यालय में विकसित ज्ञान का लाभ जनमानस तक पहुंच सके।


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