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पिछले 3 सालों में सीमा पर घुसपैठ नहीं तो सैनिकों की शहादत कैसे : मल्लिकार्जुन खड़गे

पिछले 3 सालों में सीमा पर घुसपैठ नहीं तो सैनिकों की शहादत कैसे : मल्लिकार्जुन खड़गे

नई दिल्ली | राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। खड़गे ने केंद्र पर तंज कसते हुए ट्वीट कर कहा, "गृह मंत्रालय ने संसद को बताया है कि पिछले 3 साल में भारत-चीन सीमा पर कोई घुसपैठ नहीं हुई है। तो क्या गलवान में कुछ नहीं हुआ या हमारे सैनिक नहीं मरे? और अरुणाचल में चीन ने गांव का निर्माण नहीं किया, तो क्या वास्तव में ये पीएम आवास योजना के तहत बीजिंग जनता पार्टी द्वारा बनाया गया है?"

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री निशीथ प्रमाणिक ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि पिछले तीन साल में चीन और भूटान सीमा पर घुसपैठ की कोई घटना नहीं हुई है।

सांसद चिराग पासवान ने पिछले तीन साल के दौरान सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ के विभिन्न मामलों और इस संबंध में सरकार की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में सवाल किया था।

प्रश्न के लिखित जवाब में प्रमाणिक ने कहा, "पाकिस्तान सीमा पर 128 घुसपैठ, बांग्लादेश सीमा पर 1787, नेपाल सीमा पर 25, म्यांमार सीमा पर 133 जबकि चीन और भूटान सीमा पर घुसपैठ की कोई सूचना नहीं मिली।"

उन्होंने कहा, "इन मामलों को सीमा सुरक्षा बलों द्वारा मौजूदा कानूनों के अनुसार राज्य सरकारों सहित अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ निकट समन्वय में निपटाया जाता है।"

यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसंख्या अनुपात में भारी वृद्धि को देखते हुए घुसपैठ की निगरानी और जांच के लिए एक विशेष निगरानी दल का गठन करने का प्रस्ताव करती है? प्रमाणिक ने जवाब दिया कि सीमा सुरक्षा बलों सहित सरकारी एजेंसियां निगरानी कर रही हैं और घुसपैठ को रोकने के लिए कदम उठा रही हैं।

चिराग पासवान ने पूछा कि जनसंख्या अनुपात में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसके मद्देनजर खासकर सीमावर्ती इलाकों में, क्या सरकार ने घुसपैठ की निगरानी और रोकथाम के लिए विशेष निगरानी दल गठित करने का प्रस्ताव किया है?

जनसंख्या असंतुलन से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे प्रमाणिक ने कहा कि सरकार ने सीमा पार से घुसपैठ रोकने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाया है। अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर सीमा की सुरक्षा करने वाले बलों की तैनाती, सीमा पर बाड़ व फ्लडलाइटें लगाना, सीमाओं पर प्रभावी प्रभुत्व स्थापित करना, सीमाओं पर निगरानी चौकियों में जवानों की तैनाती, संवेदनशील बार्डर आउट पोस्ट की मैपिंग, हैंड हेल्ड थर्मल इमेजर व नाइट विजन डिवाइस जैसे विशेष निगरानी उपकरणों व वाहनों की तैनाती शामिल है।

लोकसभा में गृह राज्यमंत्री प्रमाणिक के इस जवाब के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि अगर भारत-चीन, चीन-भूटान सीमा पर कोई घुसपैठ हुई ही नहीं तो भारतीय सैनिक गलवान घाटी में कैसे मारे गए? अरुणाचल सीमा पर चीन द्वारा निर्माण कैसे किया गया? इतना ही नहीं, खड़गे ने भारतीय जनता पार्टी को 'बीजिंग जनता पार्टी' करार दिया।