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जानें मकर संक्रांति पर स्नान का मुहूर्त, करें इन वस्तुओं का दान

जानें मकर संक्रांति पर स्नान का मुहूर्त, करें इन वस्तुओं का दान

मकर संक्रांति के मौके पर सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का उत्सव मनाया जाता है। इस वर्ष मकर संक्रांति का त्योहार 14 और 15 जनवरी को मनाया जा रहा है। इस दिन गंगा नदीं में स्नान करने और दान करने का खास महत्व होता है। 


धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक गंगा में मकर संक्रांति के दिन राजा सगर के 60 पुत्रों का उद्धार हुआ था। इसी दिन उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। इसके बाद से ही मकर संक्रांति के मौके पर गंगा नदी में स्नान करने का महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा में स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति होती है।

स्नान के बाद दान करने का भी महत्व बताया गया है। इस दिन दान पुण्य करने से ग्रहों की स्थिति अच्छी होती है। दान करने वालों पर ईश्वर की कृपा बनी रहती है और दूसरों का भला होता है।

ये है शुभ मुहूर्त

14 जनवरी का स्नान मुहूर्त

14 जनवरी के दिन मकर संक्रांति का क्षण दोपहर 02 बजकर 43 मिनट पर है। ऐसे में आप मकर संक्रांति क्षण से 6 घंटे पूर्व स्नान कर सकते हैं। 14 जनवरी को सुबह 08 बजकर 43 मिनट से आप मकर संक्रांति का स्नान कर सकते हैं। शुक्ल योग दोपहर 01 बजकर 36 मिनट तक और रोहिणी नक्षत्र रात 08 बजकर 18 मिनट तक है, इस में स्नान और दान उत्तम रहेगा। रोहिणी नक्षत्र और शुक्ल योग को मांगलिक कार्यों के लिए अच्छा माना गया है।

15 जनवरी का स्नान मुहूर्त

15 जनवरी को मकर संक्रांति का पुण्य काल दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक है। इस दिन सूर्योदय के बाद ब्रह्म योग दोपहर 02 बजकर 34 मिनट तक है, फिर इंद्र योग शुरु होगा। इस दिन मृगशिरा नक्षत्र रात 11 बजकर 21 मिनट तक है। ब्रह्म योग और मृगशिरा नक्षत्र दोनों ही मांगलिक कार्यों के लिए ठीक होते हैं। आप 15 जनवरी को सूर्योदय के बाद स्नान और दान कर सकते हैं। हालांकि नदियों में ब्रह्म मुहूर्त में ही स्नान शुरु हो जाता है।

मकर संक्रांति स्नान विधि

वैसे तो मकर संक्रांति पर गंगा नदी में स्नान का विशेष महत्व होता है मगर कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए इस साल घर पर ही मकर संक्रांति का स्नान करें। संक्रांति के दिन बाल्टी में साफ पानी भरें और उसमें कुछ गंगाजल की बूंदे मिलाएं। इसमें थोड़ा सा तिल और गुड़ डालकर स्नान करें। स्नान करते हुए मां गंगा का स्मरण करें और उनसे मोक्ष प्रदान करने की कामना करें।

इन वस्तुओं का करें दान

मकर संक्रांति के स्नान के बाद दान का विशेष महत्व होता है। इस दिन का स्वामी सूर्य है और उनका शनि देव से मिलन होता है। ऐसे में मकर संक्रांति को सूर्य और शनि का संबंध होता है। इस दिन इनसे संबंधित वस्तुओं का दान करना चाहिए। इसके अलावा नवग्रहों को ध्यान में रखकर भी दान कर सकते है।

इस दिन काला तिल, चावल, खिचड़ी, दाल, गुड़, तिल के लड्डू, रेवड़ी, मूंगफली, सरसों का तेल, सब्जियां, फल, हल्दी, नमक, गरम कपड़े, कंबल, चमड़े का जूता या चप्पल, काला वस्त्र आदि दान कर सकते है।