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युवाओं का सशक्त बनना आवश्यक: केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह

युवाओं का सशक्त बनना आवश्यक: केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह

देश के युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में अग्रसर होने की जरुरत है। उन्हें सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी के झांसे में न आते हुए देश के भविष्य की ओर ध्यान देना जरुरी है। ये कहना है केंद्रीय राज्य मंत्री व भूतपूर्व सेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह का। वो "युवाओं का देश की सुरक्षा में योगदान" जैसे महत्वपूर्ण विषय पर एबी फाउंडेशन की ओर से आयोजित वेबिनार में बतौर  मुख्य वक्ता बोल रहे थे।


वेबीनार के दौरान उन्होंने कहा कि युवा ही हमारे देश के भविष्य निर्माता है। उन पर ही देश की अस्मिता तथा वैभव की सुरक्षा निर्भर करती है। वर्तमान में दुश्मन देशों की ओर से भारत की एकता तथा अखंडता पर सोशल मीडिया हो या अन्य टेक्नोलॉजी के माध्यम से आघात करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में युवाओं के लिए समझना जरुरी है कि वो इस खतरे को भांप सके और इसके झांसे में आने से बचें।


रोजगार नहीं स्वरोजगार की तरफ बढ़ें


आजकल के युवाओं को धर्म और जाति के आधार पर बंटने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि हर युवा को एकजुट होकर सशक्त बनना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि उन्हें रोजगार की जगह स्वरोजगार की तरफ देखने की जरूरत है। तभी हमारा भारत एक श्रेष्ठ राष्ट्र तथा विश्व गुरु बन सकता है। 


उन्होंने देश के आमजन का भी आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें अपने देश प्रेम का प्रदर्शन सिर्फ खास मौकों पर ही नहीं बल्कि हमेशा उसे जगाए रहने की जरूरत है क्योंकि हमारे देश के आंख और कान हमारा जनमानस ही है। 


युवा भारत के भविष्य में करें अंशदान


इस वेबिनार के अन्य वक्ता लेफ्टिनेंट जनरल वी के चतुर्वेदी ने राम और कृष्ण से लेकर विवेकानंद और अरविन्दो घोष के योगदान की चर्चा की। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वो अपनी जिम्मेदारी को समझें और भारत के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण अंशदान करें। 


उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास काफी गौरवपूर्ण एवं शक्तिशाली रहा है, जिसे हमें दोरबारा से उन्हीं ऊंचाइयों पर पहुंचाना है। देश के समस्त युवाओं में राष्ट्र प्रथम का बोध आप सभी के दिल  तथा कार्य शैली में दिखना चाहिए, जिससे हमारा राष्ट्र विश्व गुरु बनेगा। भारत हमेशा से ज्ञान वीरों का देश रहा है। 


बता दें कि जनरल चतुर्वेदी यूथ फॉर नेशन फोरम के माध्यम से युवाओं का मार्गदर्शन करना तथा देश के नवनिर्माण कार्य में काफी जोर-शोर से लगे हुए हैं। 


इस सेमिनार के अन्य वक्ता मेजर जनरल राजेश सहाय ने जहां युवाओं का मार्गदर्शन करने की आवश्यकता पर जोर दिया साथ ही साथ भारत के युवाओं की शिक्षा और प्रशिक्षण उचित तरीके से हो इस पर भी प्रकाश डाला। 


वेबीनार के चौथे स्पीकर एवं रॉयल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर डॉक्टर एस पी सिंह देश की शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।


उन्होंने कहा कि बच्चों को देश के बारे में गहन जानकारी हो यही उनके भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। कार्यक्रम में संस्था के मार्गदर्शक तथा वरिष्ठ पत्रकार पदम पति शर्मा ने विषय की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि यदि हमें नए भारत की परिकल्पना को साकार करना है तो युवाओं को देश की आंतरिक एवं बाहरी सुरक्षा के बारे में आवश्यक जानकारी देकर उनको भारत के नव निर्माण में शामिल कर उनकी महत्वपूर्ण भूमिका स्पष्ट करनी होगी।