मध्य प्रदेश सरकार ने युवाओं को दी खुशखबरी, एक लाख पदों पर करेगी भर्ती

मध्य प्रदेश सरकार ने युवाओं को दी खुशखबरी, एक लाख पदों पर करेगी भर्ती

भोपाल| मध्य प्रदेश सरकार ने युवाओं को सरकारी नियुक्ति को लेकर खुशखबरी दी है। राज्य सरकार ने बंपर सरकारी नियुक्तियों के लिए भर्ती शुरू करने का ऐलान किया है। 


सरकार के मुताबिक राज्य में एक लाख पदों के लिए जल्दी ही भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत होने वाली है। यह ऐलान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में गोकलदास एक्सपोर्ट्स लिमिटेड की रेडीमेड गारमेंट्स इकाई के भूमि-पूजन कार्यक्रम में किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रोजगार है। 


राज्य सरकार कुछ ही दिनों में एक लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया आरंभ कर रही है। राज्य सरकार द्वारा रोजगार के अवसर सृजित करने के साथ उद्यमिता, स्वरोजगार को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। निजी क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इसे देखते हुए प्रदेश में औद्योगिक विकास और औद्योगिक निवेश की गति को तेज किया गया है।


उन्होंने कहा कि पिछले 17 महीने में कोरोना महामारी के बावजूद 384 इकाइयों को 840 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इससे 11 हजार करोड़ पूंजी निवेश और 22 हजार व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। प्रदेश में कोरोना संकट की परिस्थितियों के बावजूद औद्योगिक इकाइयों की संख्या में 48 प्रतिशत, भूमि आवंटन में 32 प्रतिशत, पूंजी निवेश में 33 प्रतिशत और रोजगार सृजन में 38 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।


बताया गया है कि गोकुलदास एक्सपोर्ट्स द्वारा प्रस्तावित यह इकाई 10 एकड़ भूमि पर बनेगी। कंपनी द्वारा 110 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश किया जाएगा, जिसमें चार हजार से अधिक स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही प्लांट में तीन चौथाई से अधिक महिलाएं कार्य करेंगी।


इस इकाई से ही लगभग 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र 146 हेक्टेयर भूमि पर विकसित है। टेक्सटाइल पार्क अचारपुरा में 154 भूखण्ड हैं, जिनमें उद्योग स्थापना पर 800 करोड़ पूंजी निवेश की संभावनाएं हैं।


मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अचारपुरा के साथ यहां से 10 किलोमीटर दूरी पर स्थित बंदीखेड़ी ग्राम में उपलब्ध 200 एकड़ भूमि पर उद्योग विकसित किए जाएंगे। इसी प्रकार बैरसिया के निकट पातलपुर में उपलब्ध भूमि को कृषि आधारित उद्योगों के लिए चिन्हित किया गया है। हमारा उद्देश्य स्थानीय युवाओं, माताओं-बहनों को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।


मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश ने 'ईज ऑफ डूइंग' बिजनेस में लम्बी छलांग लगाई है। प्रदेश अब देश में चौथे स्थान पर है। हमारा प्रयास है कि अगली रैंकिंग में मध्यप्रदेश का नाम टॉप तीन में हो। प्रदेश में उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 'स्टार्ट योर बिजनेस इन थर्टी डेज' जैसे कदम उठाए गए हैं। उद्योग स्थापना से संबंधित सभी गतिविधियां सिंगल विंडो से संचालित की जा रही हैं।


मुख्यमंत्री चौहान ने प्रदेश में निवेश के लिए औद्योगिक इकाइयों को आमंत्रित करते हुए कहा कि आपके पास उद्यम की इच्छा है और सरकार के पास इस सपने को पूरा करने में सहयोग की शक्ति। आपकी इच्छा और सरकार की शक्ति से नयी इच्छा-शक्ति के साथ हम आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की रचना करेंगे। आपको हर संभव सहायता देने में प्रदेश सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। 


सिंगल विण्डो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों के निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति के लिए पोर्टल तैयार किया गया है। भूमि आवंटन की प्रक्रिया को सरल और कम समय में करते हुए डीम्ड अप्रूवल के प्रावधान लागू किए गए हैं। बारह विभागों की 45 सेवाओं को प्रदेश के सिंगल विण्डो सिस्टम से इंटीग्रेट कर लिया गया है।


मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि उद्योगों को देने के लिए एक विशाल लैंड बैंक उपलब्ध है, जिसमें औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 30 हजार एकड़ विकसित भूमि और 33 हजार 664 एकड़ अविकसित भूमि भी उपलब्ध है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने भी संबोधित किया।


गोकुलदास एक्सपोर्ट के प्रबंध संचालक शिवराम कृष्ण गणपति ने बताया कि उनके उत्पाद अमेरिका, ब्रिटेन, जापान सहित कई देशों में निर्यात किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग विस्तार की योजना के संदर्भ में कई राज्यों से बातचीत की, पर मध्यप्रदेश जैसा वातावरण कहीं नहीं मिला। 


मध्यप्रदेश में राज्य शासन द्वारा दिए गए सहयोग और विकसित हुए परस्पर विश्वास के आधार पर ही यहां निवेश किया जा रहा है। हमें यह भरोसा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार मिलेगा।


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