यहाँ बारिश के लिए नग्न होकर हल चलाती हैं लडकियां

यहाँ बारिश के लिए नग्न होकर हल चलाती हैं लडकियां

इन दिनों बरसात का मौसम है। जगह-जगह बादल गड़गड़ा रहे हैं। बिजली चमक रही है और बारिश हो रही है। किसान अपने खेतों में फसल लगा रहे हैं। लेकिन,  कई बार मानसून (Monsoon) असामान्य बर्ताव करता है। यानी कहीं जरूरत से ज्यादा बारिश तो कहीं कम। हालांकि, वैज्ञानिक इसके लिए हवा और दबाव को कारण मानते हैं, लेकिन भारत में कुछ जगहें ऐसी हैं, जहां लोग मानते हैं कि इंद्र देव नाराज हैं इसलिए बारिश नहीं हो रही है। 

इसलिए वे उन्हें मनाने के लिए तरह-तरह के तरीके (rituals for rain) भी अपनाते हैं। भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश (Uttar pradesh) के पूर्वांचल और पड़ोसी राज्य बिहार (Bihar) के कुछ इलाकों में इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए महिलाएं निर्वस्त्र (women nude for rain) होती हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोरखपुर (Gorakhpur) और बिहार के कुछ इलाकों में बारिश के लिए कुंआरी लड़कियां रात में नग्न होकर खेतों में हल चलाती हैं, ताकि जल्दी बारिश हो। यहां के किसानों का मानना है कि उनके क्षेत्र में वर्षा अच्छी नहीं होती है इसलिए वे ये तरीका अपनाते हैं। बताया जाता है कि 1873-74 में गोरखपुर में अकाल पड़ा था। इस दौरान कई ऐसे मामने देखने को मिले थे, जब कुंआरी लड़कियां बिना कपड़े पहने खेत जोतती थीं।

इस प्रक्रिया में आदमियों को दूर रखा जाता है। मान्यता है कि अगर इस दौरान किसी आदमी ने महिला को देख लिया तो उसके गंभीर नुकसान होंगे। वहीं, रात में नग्न महिलाओं से खेत जुतवाने के पीछे किसान मानते हैं कि इससे बारिश के देवता को शर्म आ जाती है और वे बारिश कर देते हैं। बारिश के लिए इलाके में यह बहुत विश्वसनीय सामाजिक प्रथा है। इसके अलावा भी बारिश के लिए भारत के विभिन्न इलाकों में अलग-अलग मान्यताएं हैं। कहीं मेंढक और मेंढकी (frog wedding) की शादी कराई जाती है तो कहीं लोग कीचड़ और गोबर से नहाते हैं, ताकि अच्छी बारिश हो। 

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