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कछुए वाली अंगूठी धारण करने के फायदे

कछुए वाली अंगूठी धारण करने के फायदे

कछुआ धैर्य, शांति, निरंतरता और समृद्धि का भी प्रतीक माना गया है। वास्तु शास्त्र में कछुए की अंगूठी को पहनना शुभ बताया गया है। इसको पहनने से कई जीवन के कई दोष खत्म होते हैं और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है। जब आप इस अंगूठी को पहनेंगे तब शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

इस अंगूठी को धारण करने से व्यवहार संतुलित और शांत रहता है। ज्योतिष के अनुसार, कछुआ जल में रहने वाला जीव है और इसका संबंध माता लक्ष्मी से माना जाता है क्योंकि माता लक्ष्मी की उत्पत्ति भी जल से हुई है। साथ ही जल का गुण शीतलता है इसलिए इसको धारण करने से उग्रता कम रहती है और शांत और सौम्य व्यवहार बनाने में मददगार होती है।

कछुए की अंगूठी को पहनते समय ध्यान रखें कि उसका चेहरा आपकी तरफ होना चाहिए। इससे धन आपकी तरफ आकर्षित होता है। अगर बाहर की तरफ मुख होगा तो धन आने के बजाय चला जाएगा। वहीं अंगूठी को सीधे हाथ की बीच वाली उंगली यानी मध्यमा उंगली में या फिर अंगूठे के पास वाली यानी तर्जनी उंगली में पहनें।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान विष्णु के कच्छप अवतार का स्वरूप कछुआ माना जाता है। इसके अलावा पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान देवी लक्ष्मी की उत्पत्ति समुद्र में से ही हुई थी। इसलिए समुद्र में रहने वाले जीव और माता लक्ष्मी का संबंध माना गया है। इस कारण ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक कछुए की अंगूठी पहनने से सुख-समृद्धि और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होने की मान्यता है।