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लोहे की अंगूठी की चमत्कारी गुण

लोहे की अंगूठी की चमत्कारी गुण

राहु-केतु और शनि के बुरे प्रभाव से बचाव के लिए लोहे की अंगूठी पहनने की सलाह दी जाती है ,लोहे की अंगूठी पुरुष को दाएं हाथ की बीच वाली उंगली में धारण करना चाहिए I क्योंकि शनि का क्षेत्र मध्यमा उंगली के नीचे होता है,हालांकि विशेष परिस्थिति में इसे बाएं हाथ की मध्यमा उंगली में भी धारण किया जा सकता है I

आप अपने व्यापार में तरक्की पाना चाहते हैं,तो घोड़े की नाल को व्यवसायिक केन्द्र पर लगाएं I ऐसा करना बेहद शुभ होता है,ऐसे में आप शनिवार के दिन काले घोड़े की नाल को गंगा जल से धोकर ग्राहक की नजरों में आने वाली जगह पर लगाएं I

बुरी आत्माओं से बचने के लिए लोगों को लोहे का छल्ला पहनने की सलाह दी जाती है, इसी कारण इसे शनि का छल्ला भी कहते हैं I

नियम अनुसार लोहे की अंगूठी हमेशा शनिवार के दिन शाम के वक्त ही धारण करनी चाहिए। इसके अलावा आप रोहिणी, पुष्य, अनुराधा और उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में भी लोहे की अंगूठी पहन सकते हैं।

लोहे की अंगूठी शनि के कारण होने वाली 'साढ़ेसाती' के अशुभ प्रभावों को दूर करती है और पहनने वाले के लिए अपार सौभाग्य लाती है । यह जीवन को शांत बनाता है।