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सरकार ने भूमिगत जल स्तर के डेटा को पकड़ने के लिए जलदूत ऐप लॉन्च किया

सरकार ने भूमिगत जल स्तर के डेटा को पकड़ने के लिए जलदूत ऐप लॉन्च किया

मंगलवार को केंद्र सरकार ने "जलदूत" नमक एक मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया। इस एप्लीकेशन को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय ने साथ मिलकर विकसित किया है जिससे देश भर में भूमिगत जल स्तर की निगरानी की जा सके। आज के समय में कई क्षेत्रों में जल स्तर बहुत तेजी से गिर रहा है जिससे भविष्य में जल्द ही सूखे जैसी स्थिति पैदा होने की संभावना है।

एप्लिकेशन को ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने लॉन्च किया। इस लॉन्च में मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और कपिल मोरेश्वर पाटिल मौजूदगी थे।

हर गांव में दो-तीन कुओं का चयन किया जायेगा और ऐप से उनके जल स्तर को नापा जायेगा। साल में दो बार कुओं में पानी का स्तर मापा जायेगा - मानसून से पहले 1 मई से 31 मई के बीच और मानसून के बाद 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच। सामान्य जनता के लिए इस प्रक्रिया को प्रदर्शित बनाया गया गया है और जो अधिकारी इस कार्य के लिए नियुक्त किये गए है उन्हें ये निर्देश दिया गया है कि ऐप के माध्यम से जियोटैग की गई तस्वीरें ही अपलोड करें।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मोबाइल ऐप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में काम करेगा जिससे यह सुनिश्चित होता है कि इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या रस्ते में नहीं आएगी। 'जलदूत' ऐप में फीड किया जाने वाला डेटा राष्ट्रीय जल सूचना विज्ञान केंद्र के डेटाबेस के साथ एकीकृत किया जाएगा, जिससे विश्लेषण और संरक्षण के प्रयासों में मदद मिलेगी।

मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि केंद्रीय डिजिटल डेटाबेस में विश्लेषण के लिए भूजल स्तर के डेटा को व्यवस्थित रूप से एकत्र करने और उसी डाटा को आत्मसात करने की दिशा में राज्य सरकारों और ग्राम पंचायतों को खुद से शामिल होना चाहिए। हमें विश्वाश है कि इस ऐप से एकत्र किया गया डाटा भविष्य में हमें बेहतर योजना बनाने और हमें समस्या का सही आकलन करने में मदद करेगा।