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चालान काटने के लिए ट्रैफिक पुलिस नियम

चालान काटने के लिए ट्रैफिक पुलिस नियम

भारतीय ड्राइविंग के दौरान बहुत सी गलतियां करते हैं, कार ड्राइविंग के दौरान सीट बेल्ट लगाना भूल गए। बाइक चलाने के दौरान हेलमेट भूल गए। गाड़ी की लाइट या हॉर्न ठीक से काम नहीं कर रहा हैं फिर भी ये लोग गलतिया नहीं मानते क्योकि उनको लगता हैं ये सब सही हैं सभी को कानून की सही जानकारी नही होती हैं जिनको जानकारी होती हैं वो भी नियम तोड़ते हैं  नियम तोड़ने पर भी कोई ट्रैफिक कॉन्स्टेबल आपका चालान काट नहीं सकता , कॉन्स्टेबल आपकी गाड़ी से चाबी निकाल रहा है तो ये भी नियम के खिलाफ है। कॉन्स्टेबल को आपको अरेस्ट करने या व्हीकल सीज करने का भी अधिकार नहीं है। अगर आप अपने राइट्स को जानते हैं तो  जिस वजह से गाड़ी सीज होने पर या चाभी निकालने पर ज्यादा पैसे देने को तैयार हो जाते हैं। 
आपके पास यदि ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, बीमा आदि दस्तावेज नहीं हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन छोड़कर अन्य दस्तावेज दिखाने के लिए 15 दिन का समय ले सकते हैं, इस अवधि में आप दस्तावेज दिखा सकते हैं।

Indian Motor Vehicle Act 1932 के तहत किसी भी पद पर बैठा अधिकारी आपका चालान नहीं काट सकता, केवल ASI स्तर का अधिकारी ही ट्रैफिक का कोई भी रूल तोड़ने पर आपका चालान काट सकता है। इसके अलावा ट्रैफिक कॉन्स्टेबल केवल इनकी मदद के लिए होते हैं और उनके पास किसी की भी गाड़ी की चाबी निकालने का अधिकार नहीं है। वहीं, कई बार Traffic Police गाड़ी की हवा निकालने लगते हैं, या गलत तरीके से बात करते हैं। ऐसे में अगर वो गाड़ी की हवा निकाल रहे हैं या किसी से भी गलत तरीके से बात या बदसलूकी से पेश आ रहे हैं, तो आप उनके खिलाफ कार्रवाई भी कर सकते हैं। मोटर वाहन अधिनियम 1988 में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस कर्मचारी को वाहन की चाबी निकालना का अधिकार नहीं दिया गया है।