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Elon Musk का Starlink अब दुनियाभर के 32 देशों में उपलब्ध, 2,50,000 से अधिक उपयोगकर्ता

Elon Musk का Starlink अब दुनियाभर के 32 देशों में उपलब्ध, 2,50,000 से अधिक उपयोगकर्ता

नई दिल्ली | स्पेसएक्स उपग्रह इंटरनेट सेवा स्टारलिंक ( Starlink ) ने घोषणा की कि यह 32 देशों में उपलब्ध है। इस साल की शुरुआत में इसकी 25 देशों में उपस्थिति की रिपोर्ट की गई थी। अरबपति Elon Musk का स्टारलिंक दुनिया भर में हाई स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट प्रदान करता है। वैश्विक स्तर पर इसके 2,50,000 से अधिक उपयोगकर्ता हैं।


कंपनी ने Twitter पर एक उपलब्धता मैप शेयर किया, जिसमें खुलासा किया गया कि यूरोप और उत्तरी अमेरिका के साथ-साथ दक्षिण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के कुछ हिस्सों में इसकी सेवाएं उपलब्ध हैं। इसने यह भी घोषणा की है कि वह इन क्षेत्रों में अपनी सेवा तुरंत भेज देगा। कंपनी ने एक ट्वीट में कहा, Starlink अब दुनियाभर के 32 देशों में उपलब्ध है। उपलब्ध के रूप में चिह्न्ति क्षेत्रों से ऑर्डर करने वाले लोगों को स्टारलिंक तुरंत भेज दिया जाएगा।


पिछले साल जून में मस्क ने दावा किया था कि स्टारलिंक भारत सहित दुनियाभर में महीनों के भीतर फैल जाएगा। लेकिन भारत में जगह बनाने की उनकी योजना पर पानी फिर गया। Starlink ने भारत ( India ) में अपना व्यवसाय एक स्थानीय इकाई, स्टारलिंक सैटेलाइट कम्युनिकेशंस के माध्यम से रजिस्टर किया और अप्रैल में रोलआउट का लक्ष्य रखा। लेकिन संचार मंत्रालय के तहत दूरसंचार विभाग ने दिसंबर में स्टारलिंक को भारत में उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवाओं की पेशकश करने के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त करने की चेतावनी दी थी।


सरकार ने स्टारलिंक को बिना लाइसेंस के भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा की बुकिंग/रेंडरिंग बंद करने के लिए कहा। स्टारलिंक ने बाद में घोषणा की कि वह 31 जनवरी तक भारत में एक वाणिज्यिक लाइसेंस के लिए आवेदन करेगा, जो अभी तक नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार, रेडिट पर क्लाउडफ्लेयर और सेल्फ-रिपोर्ट किए गए आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 80 प्रतिशत स्टारलिंक उपयोगकर्ता उत्तरी अमेरिका में स्थित हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और यूरोप में 18 प्रतिशत अन्य हैं। इसके केवल 2 प्रतिशत उपयोगकर्ता पश्चिमी देशों से बाहर रहते हैं।