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नासा अंतरिक्ष यान पृथ्वी को क्षुद्र ग्रहों एस्टेरॉयड के हमलों से बचाने में जुटा

नासा अंतरिक्ष यान पृथ्वी को क्षुद्र ग्रहों एस्टेरॉयड के हमलों से बचाने में जुटा

नासा का क्षुद्रग्रह-विक्षेपण DART अंतरिक्ष यान लॉन्च के 10 महीने बाद सोमवार को सफलतापूर्वक अपने लक्ष्य में गया। इसे धरती की रक्षा के लिए जानबूझकर डिमोर्फोस एस्टेरॉयड से टकराया है। 24,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा कर रहा डार्ट आज डिमोर्फोस से टकराया। यहाँ  दुनिया की पहली ग्रह रक्षा प्रणाली का परीक्षण निर्धारित करेगा कि हम पृथ्वी के साथ प्रलय के दिन की टक्कर को रोकने के लिए कितने तैयार हैं।

क्यूब के आकार का "इम्पैक्टर" वाहन, मोटे तौर पर दो आयताकार सौर सरणियों के साथ एक वेंडिंग मशीन के आकार का, क्षुद्रग्रह डिमोर्फोस में उड़ गया, यहाँ लगभग एक फुटबॉल स्टेडियम जितना बड़ा था।नासा के डार्ट अंतरिक्ष यान ने धरती की ओर आ रहे डिमोर्फोस एस्टेरॉयड को उसकी कक्षा व दिशा बदलने के लिए टक्कर मारी। डिमोर्फोस, डिडिमोस एस्टेरॉयड सिस्टम का एक हिस्सा है। नासा का यान इसे टक्कर मारकर दूसरी कक्षा में धकेलेगा। इस पूरे घटनाक्रम व उसके प्रभाव पर जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप और हबल टेलीस्कोप सहित तमाम कैमरो और टेलीस्कोप से यान पर नजर रखी जा रही है।

यह पहली बार होगा जब मानवता ने किसी क्षुद्रग्रह, या किसी खगोलीय पिंड की गति को बदला है। 

नासा के इस डार्ट मिशन में एक ही उपकरण होता है। इसका काम एस्टेरॉयड का पीछा करना, उसे निशाना बनाना और उसकी दिशा बदलना है। इस प्रक्रिया में एस्टेरॉयड खंड-खंड होकर मलबे के ढेर में बदल जाता है। हालांकि नासा के इस अहम मिशन की कामयाबी के सत्यापन में कुछ सप्ताह का वक्त लगेगा। इसके बाद ही पता चलेगा कि नासा इस मामले में कितना कामयाब रहा।