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रूस में जगे दो ज्वालामुखी, वैज्ञानिकों ने 'बड़े विस्फोट' की चेतावनी दी - मेधज न्यूज़

रूस में जगे दो ज्वालामुखी, वैज्ञानिकों ने 'बड़े विस्फोट' की चेतावनी दी - मेधज न्यूज़

Kamchatka Peninsula, Russia : रूस के कामचटका प्रायद्वीप (Kamchatka Peninsula) पर दो ज्वालामुखियों से राख और चमकते लावा के ऊंचे बादल उगल रहे हैं और इस विषय पर वैज्ञानिकों का कहना है कि रास्ते में बड़े विस्फोट हो सकते है जो बहुत ही हानिकारक साबित हो सकता है।  प्रायद्वीप, जो मॉस्को से लगभग 6,600 किलोमीटर (4,000 मील) पूर्व में प्रशांत महासागर में फैला हुआ है, यह लगभग 30 सक्रिय ज्वालामुखियों के साथ भूतापीय गतिविधि के दुनिया के सबसे केंद्रित क्षेत्रों में से एक है। 

समाचार रिपोर्टों में कहा गया है कि अचानक आयी नई गतिविधि शनिवार को एक मजबूत भूकंप के बाद से शुरू हुई है।  रूसी विज्ञान अकादमी के ज्वालामुखी विज्ञान संस्थान (Russian Academy of Sciences' vulcanology institute) के अनुसार क्लाईचेवस्काया सोपका (Klyuchevskaya Sopka) में, जो 4,754 मीटर (लगभग 16,000 फीट) ऊँचा ज्वालामुखी यूरेशिया का सबसे ऊंचा सक्रिय ज्वालामुखी है, जहाँ पर एक घंटे में 10 विस्फोट दर्ज किए जा रहे थे।

रूसी विज्ञान अकादमी एजेंसी ने कहा कि शिवलुच ज्वालामुखी (Shiveluch volcano) से लावा प्रवाह और राख का उत्सर्जन भी हो रहा है। कामचटका (Kamchatka) एक कम आबादी वाला क्षेत्र है। लगभग 5,000 लोगों वाला क्लाईची शहर दो ज्वालामुखियों के बीच स्थित है, प्रत्येक से 30-50 किलोमीटर दूर। इसके अलावा, ज्वालामुखी प्रायद्वीप के एकमात्र प्रमुख शहर, पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की (Petropavlovsk-Kamchatsky) से 450 किलोमीटर दूर होने की बात कही जाती है। प्रशांत क्षेत्र के ज्वालामुखियों को रिंग ऑफ फायर के नाम से जाना जाता है।