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एक ऐसी जगह जहाँ समय ठहर जाता है

एक ऐसी जगह जहाँ समय ठहर जाता है

आप सभी ने ब्लैकहोल का नाम तो सुना होगा और शायद ये भी जानते होंगे की ब्लॉकहोल एक ऐसा पिंड है जिसमे इतना ज़्यादा गुरुत्वाकर्षण बल होता है की उससे रौशनी भी लौट नहीं पाती। आपको बता दे की ये सारी बाते सच हैं और ब्लैक होल उस टारे से बनता है जिसका द्रव्यमान चंद्रशेखर लिमिट से ज़्यादा होता है उसमे सुपरनोवा एक्सप्लोज़न के बाद उसके कोर के अपने ही गुरुत्वाकर्षण बल के इम्पलोडे होने से बनता है। ये एक ऐसा एनामोली है स्पेस में जहा स्पेस पूरी तरह से सिकुड़ जाता है और उसका पूरा द्रव्यमान एक छोटे से स्थान पर सिमित रह जाता है। अब होता यु हैं की इस द्रव्यमान के चारो और एक लेयर तैयार होती है जिसे इवेंट होराइजन कहा जाता है और यही होता है एकदम अनोखा खेल।
जैसा की हमने आपको बताया इवेंट होराइजन वो स्ताहन है जिसके अंदर होने वाली कोई भी घटना उसके बहार नहीं आ सकती और हमें कभी भी ये नहीं पता चल सकता की आखिर ब्लैक होल में हो क्या रहा है। इसी के साथ हम आपको एक अनोखी बात और बताते हैं की ब्लैक होल के जितना पास हम जाते हैं समय उतना ही धीमे होता जाता है। जी हाँ किसी ब्लैक होल  पर बिताया हुए कुछ मिनट धरती पर सालो बीतने जैसे हो सकते हैं , इसे विज्ञानं में टाइम डायलेशन कहा जाता है। इस थ्योरी की तहत इवेंट होराइजन पर समय पूर्ण रूप से रुक जाता है और किसी भी आब्जर्वर को दूर से ऐसा प्रतीत होगा की इवेंट होराइजन पर कोई भी चीज़ रुक या अटक गयी है भले ही वो उसके अंदर क्यों न समा चुकी हो।
महान वैज्ञानिक आइंस्टाइन ने अपनी थ्योरी ऑफ़ रिलेटिविटी में इसका विवरण दिया है और ये स्थापित किया की ब्लैक होल जैसी चीज़ होती है और समय भी स्पेस के ही भांति एक डायमेंशन मात्र है जिसे सक्षम खोगलिया पिंड जैसे की ब्लैक होल रोक तक सकते हैं। ये अपने आप में बहुत बड़ी खोज थी और इसी ने स्पेस-टाइम कॉन्टिनम, टाइम-डाइलेशन और ग्रेविटी को एक फाॅर्स न बता कर एक इफ़ेक्ट के रूप में दिखाया। ये अब तक के सबसे बड़े खगोलीय और भौतिक खोज है। उन्होंने ये सारी खोज सिर्फ अपने तेज़ दिमाग और मैथमेटिक्स से कर डाली थी, बिना किसी प्रयोग के। यु ही आइंस्टाइन का नाम जीनियस होने का पर्याय नहीं बन गया।
HT