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भारत के बढ़ते कदम हाइपरसोनिक मिसाइल की तरफ

भारत के बढ़ते कदम हाइपरसोनिक मिसाइल की तरफ

भारत दुनिया के सबसे ताकतवर देशो में शामिल हैं। लेकिन भारत को एक सुपरपावर के तौर पर आधिकारिक रूप से नहीं देखा जाता। इसका एक बड़ा कारण है स्वदेशी उम्दा हथियारों की कमी। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। भारत सरकार ने पिछले कुछ वर्षो में आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत लगभग हर हथियार को अब भारत में ही बनाना चाहती है। 

इस योजना के तहत सारे बड़े छोटे लड़ाकू हथियार भारत में ही बनाये जायेंगे और इन पर शोध भी बड़े पैमाने पर हो रहा है। इसी कड़ी में दुनिय में अपना लोहा मनवाने के लिए भारत ने स्वदेशी हाइपरसोनिक मिसाइल बनाने की तरफ अपने कदमो को तेज़ी से बढ़ा रहा है। 

भारत के पास दुनिया की सबसे उम्दा सुपरसोनिक मिसाइल ब्रम्होस है जो की ध्वनि की गति से तीन गुना ज़्यादा तेज़ी से उड़ती है और ये लगभग 500 किमी तक की दूरी ओर वार कर सकती है। इसी की तर्ज़ पर ब्रम्होस २ का निर्माण हो रहा है जो की ध्वनि की गति से 9 गुना अधिक तेज़ी से उड़ पायेगी और इसकी मारक क्षमता 1500 किमी होगी। 

इसके अलावा भारत ने अपना हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन व्हीकल (HSVTD) का भी प्रक्षेपण वर्ष 2020 में किया था जिसने ध्वनि की गति से 6 गुना अधिक रफ़्तार हासिल की थी। अब भारत ने तय किया है की अगले तीन वर्षो में ही अपनी हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल का प्रोटोटाइप तैयार कर जल्द से जल्द सेना में शामिल किया जाये।  

आपको बताते चले की दुनिया में सिर्फ रूस और चीन ही ऐसे मुल्क हैं जिनके पास अपनी हाइपरसोनिक मिसाइल्स सेना में शामिल हैं और बाकि सारे देश इनसे बहुत पीछे चल रहे हैं।
HT