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मंगल पर फैला रहे कूड़ा

मंगल पर फैला रहे कूड़ा

यु तो हम इंसानो ने अपनी प्यारी धरती माँ को कूड़े का ढेर बनाने में कोई कसार नहीं छोड़ी और जब हमारा दिल यहाँ भी नहीं भरा तो हम लोग अंतरिक्ष की और बढ़ गए और जा पहुंचे मंगल पर कूड़ा फ़ैलाने के लिए। ये सुनने या पढ़ने में जितना अजीब है वास्तविक भी उतना ही है। आप लोगो ने सुना तो होगा ही की अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा ने कुछ वर्षो पूर्व अपना एक रोवर मार्स यानि मंगल ग्रह पर उतरा था। इसका नाम था परसेवेअरन्स रोवर। ये अपने आप में बड़ा ही कमल का इंजीनियरिंग का नमूना है। ये एक तरह की चलती फिरती लैब्रटॉरी है।

आप लोगो ने सुना तो होगा ही की अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा ने कुछ वर्षो पूर्व अपना एक रोवर मार्स यानि मंगल ग्रह पर उतरा था। इसका नाम था परसेवेअरन्स रोवर। ये अपने आप में बड़ा ही कमल का इंजीनियरिंग का नमूना है। ये एक तरह की चलती फिरती लैब्रटॉरी है। इतना ही नहीं इसके पास अपना ड्रोन भी है जिसका नाम इंजिनुइटी हेलीकाप्टर है।

परसेवेअरन्स रोवर, जो वर्तमान में प्राचीन माइक्रोबियल जीवन के पहले संकेतों की तलाश में जाज़ेरो क्रेटर के अंदर खोज कर रहा है, उसी दौरान उसने  कुछ अप्रत्याशित देखा है। चमकदार वस्तु क्रेटर के फर्श पर दो चट्टानों के बीच फंसा हुई है।

अचानक देखने पर ऐसा लगा मनो कुछ बहुमूल्य हाथ लग गया मंगल की धरती पर मगर अइसनही है, असल में ये रोवर जिस यान के माध्यम से मंगल की सतह पर उतरा उसी यान की हीटशील्ड का एक टुकड़ा या तो अंधी में बहकर या फिर यान के उतरते समय उससे अलग होकर यहाँ आकर फंस गया है।

लेकिन ये कोई अच्छी बात नहीं है, हम इंसानो एक बात समझने चाहिए की हमारे वैज्ञानिक उपकरण या फिर टेक्नोलॉजी कूड़ा बनाने का रूप न लेले। क्युकी इसी तरह धीरे धीरे हम हर जगह कूड़ा फैला रे हैं और अभी तो हम इस काबिल भी नहीं हुए की मंगल पर जाकर सफाई कर सकें।
HT