नई स्टडी में दावा : अब 10 नहीं रोज सात हजार स्टेप्स चलें, बढ़ जाएगी उम्र

नई स्टडी में दावा : अब 10 नहीं रोज सात हजार स्टेप्स चलें, बढ़ जाएगी उम्र

अगर आपको लंबी उम्र पानी है तो रोजाना सात हजार स्टेप्स जरुर चलें। नई स्टडी में ये दावा किया गया है कि रोज सात हजार कदम चलने से कम उम्र में मौत का खतरा 50 से 70 प्रतिशत तक कम हो जाता है। इस संबंध में Jama नेटवर्क ओपन जर्नल में स्टडी प्रकाशित की गई है।


इस स्टडी को करने वाले अमांडा पलुच (जो फिजिकल एक्टिविटी एपिडेमियोलॉजिस्ट भी है) ने बताया कि रोज 10 हजार कदम चलने से या तेज चलने से किसी भी तरह के अतिरिक्त लाभ नहीं होते है। वर्तमान में 10 हजार कदम चलने की पॉलिसी एक दशक पुरानी मार्केटिंग कैंपेन का हिस्सा है। बता दें कि ये जापानी पेडोमीटर का हिस्सा रहा है।


इस स्टडी को करने के लिए रिसर्चर्स ने कोरोनरी आर्टरी रिस्क डेवलपमेंट इन यंग एडल्ट स्टडी से डेटा लिया। इस स्टडी में शामिल होने वाले लगभग 2100 वॉलंटियर्स को 2006 में एक्लीलेरोमीटर पहनाया गया। इसके बाद 11 सालों के लंबे समय तक उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी गई। 


इसके बाद उनके डेटा का विश्लेषण किया गया। इस स्टडी में शामिल वॉलंटियर्स को तीन अलग अलग ग्रुप में बांटा गया। पहला लो स्टेप वॉल्यूम (रोज 7 हजार स्टेप्स), दूसरा मॉडरेट(7-9 हजार स्टेप्स), तीसरा (10 हजार स्टेप्स)। 


स्टडी के मुताबिक एक्सपर्ट ने का कहना है कि कि रोज 7-9 हजार स्टेप्स चलने से वॉलंटियर्स का स्वास्थ्य सुधार रहा। मगर रोज 10 हजार कदम चलने वाले वॉलंटियर्स को सात हजार कदम चलने वाले वॉलंटियर्स से किसी तरह का अतिरिक्त लाभ नहीं मिला। 


रिसर्चर्स ने पाया कि रोज सात हजार कदम चलने से मौत का खतरा 50 से 70 प्रतिशत तक कम होता है। ऐसे में रोज सात हजार कदम चलकर सेहत में सुधार के साथ ही मौत के खतरे को कम किया जा सकता है।

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