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बांग्लादेश की राजधानी ढाका की अदालत से एक फ़िल्मी सीन जैसा वाक्या आया सामने

बांग्लादेश की राजधानी ढाका की अदालत से एक फ़िल्मी सीन जैसा वाक्या आया सामने

बांग्लादेश की राजधानी ढाका से अजीबो गरीब फ़िल्मी सीन जैसा वाक्या सामने आया हैं जिसमे अदालत में मौत की सजा पाए 2 आतंकी कोर्ट से फरार हो गए हैं  

यह पूरा मामला बांग्लादेश की राजधानी ढाका की एक अदालत का हैं, जहां पर बंगलादेश के दो आतंकियों को रविवार के दिन कोर्ट में सजा सुनायी जा रही थी, इन दोनों आतंकियों पर बांग्लादेशी-अमेरिकन ब्लॉगर अविजीत रॉय की और उसके प्रकाशक की हत्या का आरोप था। 

जब ढाका की अदलात मे इन दोनों आतंकियों को पेश किया जाता हैं, तभी उनके कुछ साथी फ़िल्मी अंदाज में बाइक से कोर्ट पहुंचते हैं, और एक केमिकल स्प्रे को कोर्ट में फेंक देते हैं, केमिकल स्प्रे गिरते ही पूरी अदलात धुएं के बादलो से घिर जाती हैं। जिसके बाद मौका देखते हुए उनके साथियो द्वारा उनको कोर्ट से भगा लिया जाता हैं। आतंकियों के साथी भागने के लिए सकरी गलियों का प्रयोग करके पुलिस को चकमा दे देते हैं।    

वहीँ बांग्लादेशी पुलिस अधिकारियों का कहना हैं कि, पेशी के लिए लाये गए आतंकियों के नाम मोइनुल हसन और अबु सिद्दिक सोहेल है, जो आतंकी संगठन (अंसारउल बांग्ला ) से सम्बन्ध रखते हैं। उन्हें इसके बाद जेल में वापस डालना था, लेकिन उनके साथियो ने उनको स्मोक के सहारे फरार करा दिया। 

वही कोर्ट में स्थित लोगो का कहां हैं कि स्मोक स्प्रे से पुलिस वालो और अदालत में बैठे अन्य लोगो की हालत काफी खराब हो गयी थी, क्योकि इस स्प्रे का इस्तेमाल युद्ध के समय सेनाए करती हैं ,

इसी बीच बांग्लादेशी अदालत ने इस घटना को देखते हुए पुलिस को लापरवाह बताया हैं -  अदालत के उच्च अधिकारी का कहना हैं कि, ये काफी बड़े कैदी थे, फिर भी पुलिस ने केवल कैदियों के हाथ पर हथकड़ी लगाई, जबकि बड़े और खतरनाक कैदियों को हाथ समेत पेरो से बांधा जाता हैं। 

इसी बीच पुलिस ने आतंकियों को पकड़ने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है, वहीँ मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे देश में अलर्ट की घोषणा कर दी गई है। वहीं  बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुज्जमा खान कमाल का कहना हैं की इतनी बड़ी चूक पर पुलिस के ऊपर भी जाँच बैठायी जाती हैं। 

अविजीत रॉय एक बंग्लादेशी-अमेरिकन ब्लॉगर थे वो कई बार धार्मिक कट्टरवाद पर तीखी टिप्पणी करते थे, उनकी हत्या तब की गयी जब वो  26 फरवरी 2015 को ABT से जुड़े कट्टरपंथियों ने तब उनकी हत्या कर दी जब वे ढाका की एक यूनिवर्सिटी के पुस्तक मेले से शामिल होकर वहां से बाहर निकल रहे थे।  
MSN