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बड़े संकट का सामना कर रहा लैटिन अमेरिका

बड़े संकट का सामना कर रहा लैटिन अमेरिका

2019 में आई खतरनाक #covid की लहर से अभी तक उभर नहीं पाया है लैटिन अमेरिका। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में सामने आया है की, #covid-19  महामारी के बाद लैटिन अमेरिका और कैरिबियन को लंबे समय तक सामाजिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। रिपोर्ट में यह चेतावनी दी गई है की लगभग 45% युवा गरीबी के स्तर से नीचे रहते हैं।

2019 में आई इस महामारी का लैटिन अमेरिका पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा है। जिससे सैकड़ों हजारों लोग मारे गए और अत्यधिक गरीबी में वृद्धि भी हुई है। ECLAC (लैटिन अमेरिका और कैरेबियन आर्थिक आयोग) से जारी हुई रिपोर्ट में सामने आया है की, इस क्षेत्र में 56.5 मिलियन लोग भूख से प्रभावित हो रहे है।

लैटिन अमेरिका में 18 वर्ष या उससे कम आयु के अनुमानित 45.4% लोग गरीबी में जी रहे थे। ECLAC के कार्यकर्ता सचिव जोस मैनुअल सालाज़ार-ज़िरिनच्स ने  बताया की, हम संकटों का सामना कर रहे हैं, जिसने क्षेत्र की असमानताओं और कमियों को बढ़ा दिया है। यह समय क्रमिक परिवर्तन का नहीं है, बल्कि परिवर्तनकारी और महत्वाकांक्षी नीतियों का है।

लंबे समय तक महामारी के बने रहने वाले प्रभाव को रेखांकित किया गया, जिसमे सामने आया की, गरीबी की दर महामारी से पहले के स्तर से ऊपर है और इस क्षेत्र की लगभग 13% आबादी अत्यधिक गरीबी में रह रही है। बढ़ती कीमतें कुपोषण में वृद्धि और आर्थिक विकास में मंदी का कारण बन सकती हैं। अभी तक, 2022 के लिए क्षेत्र के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 3.2% और 2023 में 1.4% की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है, जो की 2021 में 6.5% से कम है।

आपको बता दे की, डेटा फर्म स्टेटिस्टा के मुताबिक, वायरस ने ब्राजील में लगभग 700,000 और मैक्सिको में 330,000 से अधिक मौतों के साथ, लैटिन अमेरिका और कैरिबियन के देशों में भारी तबाही मचाई थी।