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ऑस्ट्रेलिया ने फिर से चीन को धमकी दी

ऑस्ट्रेलिया ने फिर से चीन को धमकी दी

मेलबोर्न: एक तरफ अभी विश्व रूस और यूक्रेन के बीच हो रहे युद्ध को झेल रहा है इसी बीच खबर आ रही है कि अब चीन बीते कुछ वक्त में कई बार ताइवान की हवाई सीमा लांघ चुका है। इस पर ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनेसी ने चीनी सरकार को यूक्रेन में रूस के स्ट्रैटेजिक फेलियर से सीखने की चेतावनी दी है।

जानकारी के लिए आपको बताते चले कि एक इंटरव्यू के दौरान पूछा गया कि यूक्रेन पर रूसी हमले से चीन को क्या संदेश लेना चाहिए इस पर अल्बनेसी ने कहा कि यह युद्ध किसी आजाद देश में ताकतबल पर जबरदस्ती बदलाव की नाकाम कोशिश को दिखाता है। यह युद्ध सभी लोकतांत्रिक देशों को साथ लेकर आया है, फिर चाहे वो नाटो के सदस्य हों या ऑस्ट्रेलिया जैसे गैर नाटो देश।

जैसा कि आप सब को ज्ञात होगा कि इंडो-पैसिफिक में चीन के बढ़ते दखल की वजह से ऑस्ट्रेलिया से उसका सीधा टकराव रहा है। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई आम चुनाव के वक्त तत्कालीन प्रधानमंत्री ने स्कॉट मारिशन ने आरोप था कि लेबर पार्टी को चीन आर्थिक मदद दे रहा है। ऐसे में एंथनी अल्बनेसी के बयान से साफ हो गया कि चीन को लेकर ऑस्ट्रेलिया के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।

याद रहे कि चीन ताइवान को अपना ही एक प्रांत मानता है। चीन का मानना है कि एक दिन ताइवान फिर से चीन का हिस्सा बन जाएगा। ताइवान खुद को एक स्वतंत्र देश मानता है, जिसका अपना संविधान है और वहां लोगों द्वारा चुनी हुई सरकार का शासन है। ताइवान पश्चिमोत्तर प्रशांत महासागर में पूर्वी और दक्षिण चीन सागर के जंक्शन पर स्थित एक आइलैंड है, जिसे पहले फोरमोसा के नाम से जाना जाता था। ये दक्षिण पूर्व चीन के तट से लगभग 100 मील की दूरी पर है।