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ओमिक्रॉन के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट सटीक है या नहीं, जर्मनी करेगा शोध

ओमिक्रॉन के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट सटीक है या नहीं, जर्मनी करेगा शोध

लंदन| कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच जर्मनी में एक शोध होने जा रहा है। जर्मनी के शोधकर्ता सबसे संक्रामक ओमिक्रॉन वेरिएंट का पता लगाने में रैपिड एंटीजन टेस्ट की विश्वसनीयता की जांच की तैयारी कर रहे हैं।


मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि शोधकर्ता इस बात का पता लगाएंगे कि रैपिड एंटीजन टेस्ट इसका पता लगाने में कितना विश्वसनीय और सटीक है।


स्वास्थ्य मंत्री कार्ल लॉटरबैक ने रविवार को सार्वजनिक प्रसारण चैनल एआरडी पर कहा, हम वास्तव में नहीं जानते है कि ये परीक्षण ओेमिक्रोन के लिए कितनी अच्छी तरह काम करते हैं। शोध के परिणाम अगले कुछ हफ्तों में उपलब्ध हो जाएंगे।


एक वैज्ञानिक और चिकित्सक लॉटरबैक ने कहा हालांकि यह स्पष्ट है कि परीक्षण न करने का विकल्प बहुत खतरनाक होगा।


मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि संक्रामक रोग शोध संस्थान रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट (आरकेआई) के अनुसार, ओमिक्रॉन अब जर्मनी में 44 प्रतिशत कोरोनो संक्रमण के लिए जिम्मेदार है।


रविवार को, आरकेआई ने 24 घंटे की अवधि में 36,552 नए मामले दर्ज किए जो एक सप्ताह पहले की संख्या का तीन गुना था।


पिछले महीने के अंत में, अमेरिकी नियामक संस्था फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने भी एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया था कि रैपिड एंटीजन परीक्षण पिछले वेरिएंट की तुलना में ओमिक्रॉन के प्रति कम संवेदनशील हैं।


एफडीए ने उस समय कहा था, शुरूआती आंकड़ों से पता चलता है कि एंटीजन परीक्षण ओमिक्रॉन का पता तो लगा सकते हैं, लेकिन संवेदनशीलता कम हो सकती है।


ओमिक्रॉन का पता पहली बार नवंबर के अंत में दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना में लगा था और तब से यह वेरिएंट 100 से ज्यादा देशों में तेजी से फैल चुका है।