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हिंद-प्रशांत में चीन को घेरने के मकसद से बने AUKUS में नहीं शामिल होंगे भारत और जापान

हिंद-प्रशांत में चीन को घेरने के मकसद से बने AUKUS में  नहीं शामिल होंगे भारत और जापान

सार 
  • अमेरिका ने हाल में हिंद-प्रशांत की सुरक्षा के लिए ऑस्ट्रेलिया तथा ब्रिटेन के साथ मिलकर बनाए त्रिपक्षीय गठबंधन ‘AUKUS' में भारत और जापान को शामिल किए जाने की संभावना को किया खारिज 

वाशिंगटन: अमेरिका ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में  को काम करने और 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए आस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के साथ त्रिपक्षीय सुरक्षा साझेदारी समूह AUKUS में भारत या जापान को शामिल किये जाने से इनकार केर दिया है। 

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 15 सितम्बर को ऑकस की घोषणा बेहद सोचा समझा कदम था और मुझे लगता है कि राष्ट्रपति बाइडन (US President Joe Biden) ने फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों (France President Emmanuel Macron) को यही संदेश दिया है कि हिंद-प्रशांत की सुरक्षा के लिए बनाए गए इस गठबंधन में किसी अन्य देश को शामिल नहीं किया जाएगा। 

इस गठबंधन के बाद आस्ट्रेलिया को पहली बार परमाणु-संचालित पनडुब्बियां मिलेंगी और तीनो देश आपस में रक्षा क्षमताओं को बेहतर तरीके से साझा कर सकेंगे। हालाँकि इस अनुबंध से फ्रांस को हटाए जाने के बाद फ्रांस ने इस कदम की आलोचना की थी। 

फिलहाल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधनमन्ति दोनों क्वाड सम्मेलनमें हिस्सा लेने अमेरिका गए हुए हैं। क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और आस्ट्रेलिया चारों देश शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में पहले व्यक्तिगत रूप से क्वाड शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहे हैं।

गौरतलब है की इंडो-पैसिफिक में चीन का मुकाबला करने केला गठित त्रिपक्षीय सुरक्षा गठबंधन AUKUS, अमेरिका और यूके को पहली बार परमाणु-संचालित पनडुब्बियों को विकसित करने के लिए आस्ट्रेलिया को तकनीक प्रदान करने की अनुमति देगा।

उधर चीन ने इस गठबंधन की आलोचना करते हुए कहा है कि इस तरह के विशेष समूह का कोई भविष्य नहीं है और यह क्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर रूप से कमजोर करने के साथ साथ क्षेत्र में हथियारों की होड़ को और बढ़ावा देगा।  

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