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कोई हमें ज्ञान न दे कि लोकतंत्र पर क्या करना चाहिए: UNSC में भारत

कोई हमें ज्ञान न दे कि लोकतंत्र पर क्या करना चाहिए: UNSC में भारत

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने फ्रीडम ऑफ़ प्रेस एंड डेमोक्रेसी से सम्बंधित एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत को लोकतंत्र के मामले में क्या करना चाहिए और क्या नहीं इस पर किसी को भी ज्ञान देने की जरुरत नहीं है, भारत एक लोकतांत्रिक देश है तथा भारत में लोकतंत्र के चारो स्तम्भ विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका तथा प्रेस है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कर रहा है भारत

भारत दिसंबर महीने में UNSC की अध्यक्षता कर रहा है, इस महीने भारत की स्थाई प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज UNSC की अध्यक्ष बनी रहेंगी, वर्तमान समय में भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य है तथा दिसंबर में ही यह अवधि समाप्त होने वाली है। इससे पहले भारत अगस्त 2021 में UNSC की अध्यक्षता कर चुका है।

भारत में लोकतंत्र की जड़ें 2500 साल पुरानी

स्थाई प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा भारत में लोकतंत्र की जड़ें 2500 वर्ष पुरानी हैं वर्तमान समय में भारत में लोकतंत्र के सभी स्तम्भ मजबूती से कार्य कर रहे हैं इसके अतिरिक्त सोशल मिडिया की भी अपनी आवाज है, उन्होंने कहा हर पांच वर्ष में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव होता है तथा भारत तेजी से बदलाव की और बढ़ रहा है, उन्होंने कहा यदि हम UNSC की बात करें तो यहाँ पर दशकों से बदलाव नहीं हुआ है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठती रहती है बदलाव की मांग

UNSC में सिर्फ पांच स्थाई सदस्य हैं जिनमे रूस, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन तथा फ़्रांस जबकि दस अस्थाई सदस्य दो साल के लिए चुने जाते हैं, UNSC में बदलाव की मांग उठती रहती हैं क्योंकि देशो को लगता है कि यहाँ पर विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व कम है, संयुक्त राष्ट्र के 77वे अधिवेशन में 76 देशों ने UNSC में सुधारों की बात की थी।