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नेपाल : अफ्रीकी पर्यटकों को वीजा जारी करना स्थगित किया

नेपाल : अफ्रीकी पर्यटकों को वीजा जारी करना स्थगित किया

काठमांडू | नेपाल ने सोमवार को कोविड के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के उभरने के बाद अफ्रीकी देशों के आगंतुकों को वीजा जारी करना स्थगित कर दिया। नया स्वरूप मौजूदा वायरस की तुलना में लोगों के लिए ज्यादा घातक माना जाता है। नेपाल के गृह मंत्रालय ने आव्रजन विभाग, त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे के कार्यालय और भारत की सीमा से लगे जिलों के प्रशासनिक कार्यालयों को अफ्रीकी देशों से आने वाले लोगों के आगमन पर वीजा जारी नहीं करने का निर्देश दिया है।


गृह मंत्रालय के प्रवक्ता फणींद्र मणि पोखरेल ने कहा, "वायरस के नए स्वरूप के फैलने के जोखिम को कम करने के लिए हमने संबंधित एजेंसियों को अफ्रीकी देशों के लोगों के आगमन पर वीजा जारी नहीं करने का निर्देश दिया है।" उन्होंने कहा, "उन देशों से लौटने वाले नेपाली होम क्वारंटाइन में रह सकते हैं।"


स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय के संयुक्त प्रवक्ता डॉ. समीर कुमार अधिकारी ने कहा कि इसी तरह, स्वास्थ्य मंत्रालय ने दक्षिण अफ्रीका में पहली बार रिपोर्ट किए गए नए स्वरूप ओमिक्रॉन (बी.1.1.529) के नेपाल में फैलने की आशंका को देखते हुए सतर्कता तेज कर दी है।


अधिकारी ने कहा, "हालांकि नेपाल में अभी तक इसके किसी मामले की रिपोर्ट नहीं की गई है, फिर भी जोखिम बना हुआ है। इस वायरस के नेपाल में फैलने की काफी संभावना है। लेकिन हम सभी इसका फैलाव रोकने के लिए तैयार हैं।"


उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 'चिंता का विषय' के रूप में वर्गीकृत वेरिएंट को रोकने की मुहिम के हिस्से के रूप में पड़ोसी भारत के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में हेल्प डेस्क और देश के एकमात्र त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।


रोगग्रस्त देशों से सीधी उड़ानों पर प्रतिबंध लगाना, विदेशियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना, और अंतर्राष्ट्रीय सीमा-बिंदुओं पर सभी लोगों की जांच करना उन उपायों में से है, जो दुनियाभर की सरकारों ने अत्यधिक उत्परिवर्ती कोरोनावायरस के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के संभावित फैलाव को रोकने के लिए उठाए हैं।


कोविड महामारी के खिलाफ लड़ने के लिए महत्वपूर्ण शस्त्रागार टीकाकरण अभियान को तेज करना है, लेकिन कई देशों में अभी भी खुराक की आवश्यक संख्या में उपलब्ध नहीं है। सोमवार तक नेपाल का कुल टीकाकरण लगभग 27 प्रतिशत है और बच्चों सहित बाकी आबादी कोविड के टीके की एकल खुराक का भी बेसब्री से इंतजार कर रही है।