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अमेरिका में कोरोना संक्रमितों में नई समस्या, सूंघने की क्षमता पर पड़ रहा असर

अमेरिका में कोरोना संक्रमितों में नई समस्या, सूंघने की क्षमता पर पड़ रहा असर

न्यूयॉर्क| कोरोना वायरस संक्रमण के मामले अमेरिका में काफी अधिक देखे गए है। यहां कोरोना संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों में नई परेशानी सामने आई है। अमेरिका में एक लाख से ज्यादा लोगों को कोरोना संक्रमण के महीनों बाद भी सूंघने का अहसास नहीं हो पाया है। यह जानकारी एक नए अध्ययन में सामने आई है।


जेएएमए ओटोलरींगोलॉजी-हेड एंड नेक सर्जरी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में अनुमान लगाया गया है कि अमेरिका में 7,00,000 से 16 लाख लोग हैं जिन्हें कोरोना हुआ उनमें सूघंने की समस्या आ रही है या वे लोग बीते छह महीने से सूघंने में असमर्थ हैं।


मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सेंट लुइस में वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं के अनुसार, इसे कम करके आंका जा सकता है।


अध्ययन से पता चला है कि ज्यादातर लोग अंतत: सूंघने की अपनी भावना को ठीक कर लेते हैं, लेकिन कुछ लोग इसे फिर से हासिल नहीं कर पाते हैं।


लेखक इसे एक चिंता का विषय मान रहे हैं क्योंकि, तुलनात्मक रूप से, महामारी से पहले, केवल 1.33 लाख वयस्कों की उम्र 40 और उससे अधिक थी, जिसे वैज्ञानिक घ्राण रोग (ओडी) या पुरानी घ्राण शिथिलता (सीओडी) कहते हैं।


अध्ययन में कहा गया कि "ये आंकड़े ओडी की उभरती सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता और शोध की तत्काल आवश्यकता का सुझाव देते हैं जो कोरोना सीओडी के इलाज पर केंद्रित है।"


पिछले साल एक अध्ययन में पाया गया कि कोरोना वाले 72 प्रतिशत लोगों ने एक महीने के बाद सूंघने की क्षमता को ठीक कर लिया, लेकिन कुछ के लिए, यह बहुत धीमी प्रक्रिया है।