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चीन-ताइवान के बढ़ते तनाव के बीच ताइवान देगा ड्रैगन को करारा जवाब

चीन-ताइवान के बढ़ते तनाव के बीच ताइवान देगा ड्रैगन को करारा जवाब

चीन के साथ ताइवान का तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिस बीच चीन ने अपना  सैन्य अभ्यास भी शुरू कर दिया है।  भारत इन सब  घटनाक्रमों से चिंतित है, साथ ही विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची के अनुसार भारत को ताइवान जल क्षेत्र में यथास्थिति को बदलने के लिए एकतरफा कार्रवाई से बचना चाहिए।  ताइवान ने भारत  की इस प्रतिक्रियां पर धन्यवाद किया है।  ताइवान की ओर से भारत समेत सभी समान विचारधारा वाले देशों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखते हुए अपनी आत्मरक्षा क्षमताओं को बढ़ाना जारी रखेगा, ताकि संयुक्त रूप से नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था और सुरक्षा की रक्षा की जा सके।

ताइवान  दुनिया भर के देशों के साथ दोस्त बनाने और संबंध बनाए रखने का हकदार है,  हाल ही में ताइवान पर लक्ष्य बनाकर कई प्रकार के सैन्य रुख के चीन के जानबूझकर उग्र होने से ताइवान जल क्षेत्र में शांति और स्थिरता प्रभावित हुई है,  विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में आरओसी  की सरकार भारत समेत 50 से अधिक देशों की कार्यकारी शाखाओं और सांसदों के प्रति आभार व्यक्त करना चाहती है, जिन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने, यथास्थिति को बदलने के लिए एकतरफा कार्रवाई से बचने की अपील की है। 

ताइवान की सरकार अमेरिका, जापान और भारत समेत अन्य सभी समान विचारधारा वाले देशों के साथ घनिष्ठ कम्युनिकेशन और समन्वय बनाए रखते हुए अपनी आत्मरक्षा क्षमताओं को बढ़ाना जारी रखेगी, ताकि संयुक्त रूप से नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखा जा सके और सुरक्षा की रक्षा की जा सके।

हालही में चीन ने स्व-शासित द्वीप पर अपने दावों को दोहराते हुए ताइवान और नए युग में चीन का पुनर्मिलन शीर्षक से एक श्वेत पत्र जारी किया, जो श्वेत पत्र राष्ट्रीय पुनर्मिलन के लिए देश के संकल्प को प्रदर्शित करता है।  श्वेत पत्र में  चीनी समुदाय पार्टी  ताइवान के मुद्दे को हल करने और चीन के पूर्ण एकीकरण को साकार करने के ऐतिहासिक मिशन के लिए प्रतिबद्ध है।

 विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची के अनुसार भारत ताइवान में यथास्थिति को बदलने के लिए एकतरफा कार्रवाई से बचने की अपील करता है, साथ ही कई अन्य देशों की तरह भारत भी हाल के घटनाक्रमों से चिंतित है।  हम संयम बरतने यथास्थिति को बदलने के लिए एकतरफा कार्रवाई से बचने, तनाव को कम करने और क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों की अपील करते हैं।

अमेरिकी हाउस स्पीकर  नैन्सी पेलोसी ने हाल ही में ताइवान का दौरा किया था,  जिसके बाद से चीन और अमेरिका के बीच रिश्तों में तनाव बढ़ गया है।  चीन ने अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय समझौते का उल्लघंन करने का आरोप लगाया, साथ ही नैंसी पेलोसी पर प्रतिबंध भी लगा दिया है। अमेरिका हाउस स्पीकर के दौरे के बाद से ही चीन ताइवान  के पास लगातार सैन्य अभ्यास  कर रहा है, चीन के अनुसार ये उसका रुटीन अभ्यास हैं, लेकिन ताइवान ने आरोप लगाया है कि उसके सैन्य अभ्यास  के तरीक से लगता है कि चीन युद्ध की तैयारी कर रही है।