होम > दुनिया

#PermanentPeace की उम्मीद जाहिर की तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने

#PermanentPeace की उम्मीद जाहिर की तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने

यह एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है की 75 साल पहले अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता स्थापित करने के बाद भी भारत और पाकिस्तान अभी तक एक दूसरे के बीच शांति और एकजुटता स्थापित नहीं कर पाए है।

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने मंगलवार को उच्च स्तरीय संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में अपने संबोधन के दौरान कश्मीर मुद्दा उठाया और निष्पक्ष और स्थायी शांति की स्थापना के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा की हम आशा और प्रार्थना करते हैं कि कश्मीर में समृद्धि और एक निष्पक्ष और स्थायी शांति स्थापित हो। समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के बाद एर्दोगन ने यह टिप्पणी की है। इस मुलाकात के दौरान एर्दोगन और नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर विचारों का आदान-प्रदान किया था।

इसी बीच, न्यूयॉर्क में यूएनजीए की बैठक के दौरान, अमेरिका और फ्रांस द्वारा यूक्रेन संघर्ष पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को उनके संदेश के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहराया। पीएमओ इंडिया ने ट्वीट करते हुए लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समरकंद में एससीओ शिखर सम्मेलन के इतर राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन के साथ बातचीत की और दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। 16 सितंबर को समरकंद में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन से कहा था की आज का युग युद्ध का नहीं है बल्कि हमे भोजन, ईंधन सुरक्षा और उर्वरकों की समस्याओं के समाधान के तरीके खोजने की आवश्यकता है।