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विश्व गुलाब दिवस 2021: कैंसर पेशेंट्स के लिए एक सुखद आशा

विश्व गुलाब दिवस 2021: कैंसर पेशेंट्स के लिए एक सुखद आशा

नई दिल्ली | आज विश्व गुलाब दिवस है। ये दिन न सिर्फ अपने खूबसूरत एहसास के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि विश्व में कैंसर जैसी भयानक बिमारी से जूझ रहे रोगियों के लिए एक आशापूर्ण और सुखद अनुभव भी मुहैया करता है। वर्ल्ड रोज़ डे (World Rose Day 2021) को दुनिया भर में कैंसर रोग (Cancer) की शुरुआती पहचान और रोकथाम के बारे में जागरूकता फैलाने के रूप में भी महत्त्व दिया जाता है।  

इस भायवह रोग की जल्दी पहचान न केवल इसका सफल इलाज कर सकता है बल्कि कई तरह की विकृतियों को भी बचा सकता है। शायद इसी लिए रोज़ डे इतना खूबसूरत एहसास लेकर आता है।  ये रोगियों की बहादुरी का सम्मान करते हुए, कैंसर रोग से पीड़ित लोगों को आशा प्रदान करता है। 

एक बीमार और कष्टप्रद बिमारी से लड़ते हुए व्यक्ति को जीने की आशा देना जीवन का सबसे बड़ा काम होता है।  22 सितंबर को मनाया जाने वाला विश्व गुलाब दिवस, दुनिया भर के कैंसर रोगियों के लिए आशा की उसी किरण का काम करता है।  कैंसर जैसी बिमारी के इलाज में वर्षों लग सकते हैं, इस दौरान मरीज न सिर्फ मानसिक बल्कि शारीरिक पीड़ा का भी अनुभव करता है। बीमारी से लड़ना भावनात्मक रूप से थका देने वाला हो सकता है। 

इस दौरान मरीज़ को एक सकारात्मक माहौल और साथ की ज़रूरत होती है। एक कैंसर पीड़ित की इसी बहादुरी की सामान देने और उनको ये बताने की इस लड़ाई में वो अकेले नहीं हैं बल्कि पूरा विश्व उनके साथ खड़ा है, आज के दिन वर्ल्ड रोज डे मनाया जाता है। 

विश्व गुलाब दिवस पर कैंसर की रोकथाम (Prevention and Early detection of cancer) और उसकी जल्द से जल्द पहचान के लिए जागरूकता फैलाने के लिए भी कई आयोजन किये जाते हैं। 

दरअसल इसके पीछे भी एक कहानी छुपी है।  विश्व गुलाब दिवस एक 12 वर्षीय कनाडाई लड़की मेलिंडा रोज (12 year old Canadian Girl Malinda Rose) की याद में मनाया जाता है, जिसे अस्किन्स ट्यूमर, एक असामान्य प्रकार का रक्त कैंसर था। रोज़ के छोटे से अस्तित्व ने कई लोगों के जीवन को प्रभावित किया। उसने मरती दम तक बचने की उम्मीद नहीं छोड़ी और अपने आसपास के लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करके संघर्ष किया और प्रत्येक दिन को यादगार बनाया। 

रोज ने अपने आसपास के कैंसर योद्धाओं के लिए कविता, पत्र और ईमेल लिखे क्योंकि कैंसर का इलाज इतना विनाशकारी और दर्दनाक हो सकता है इसका उसे एहसास था। उसका एकमात्र लक्ष्य उस अस्पताल के माहौल को बेहद खुशनुमा और सकारात्मक रखना था जहाँ वह अपनी पुरे जीवन संघर्ष के दौरान भर्ती थी। 

उसके जाने के बाद उसकी जिंदादिली को जीवंत रखते हुए हर साल 22 सितम्बर को कैंसर मरीज़ों के लिए विश्व गुलाब दिवस के तौर पर मनाया जाता है। 

लोग इस क्रूर बीमारी का सामना करने के लिए कैंसर रोगियों और देखभाल करने वालों को अपना प्यार और समर्थन देने के लिए गुलाब भेजकर उस नन्ही सी लड़क की स्मृति को बरकरार रखते हैं। इस दिन लोग कैंसर रोगियों को कार्ड और उपहार भी देते हैं। स्वास्थ्य कर्मियों और समाज सेविओं के द्वारा विशेष जागरूकता प्रयास भी किए जाते हैं।

इसी लिए अगर आप भी किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जो इस इस भयानक बिमारी से जूझ रहे हैं तो उनको एक गुलाब भेज केर या बात कर आप उनके इस संघर्ष का हिंसा बन सकते हैं। 

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