भारत के खिलाफ पोस्ट डालने पर विदेशी पत्रकार को अन्य देशो के लोगो ने भी सुनाई खरी खोटी, ट्रेंड हुआ 45 ट्रिलियन

भारत का बहुप्रतीक्षित चंद्रयान-3 मिशन आखिरकार बुधवार को चंद्रमा के दक्षिणी हिस्से में पहुंच गया- ये एक ऐसी उपलब्धि जिसके बारे में कई लोग सोचते तक नहीं हैं क्योंकि उनकी सोचा इस सोच को सोचने के लिए असंभव हैं एक और जहां भारत के इस मिशन की हर तरफ तारीफ हो रही हैं, लोग अन्य -अन्य देश से भारत को इस चीज़ को लेकर बधाईया दे रहे हैं, तो कई ऐसे लोग भी हैं जिनको भारत की ये सफलता हजम नहीं हो रही और वो विवादित बयान दे रहे हैं। ठीक ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया पर छाया हुआ हैं जिसमे ब्रिटिश की एक पत्रकार और 45 ट्रिलियन” शब्द खूब ट्रेंड हो रहा हैं।

जानिये पूरा मामला

ये विवाद ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में रहने वाली पत्रकार सोफी के एक पोस्ट से शुरू हुआ जिसमे उन्होंने ट्विटर प्लेटफॉर्म (एक्स ) पर अपनी राय दी हैं जिसमे उन्होंने लिखा हैं कि यूनाइटेड किंगडम (यूके) को भारत जैसे देश को सहायता नहीं भेजनी चाहिए, जिसके पास उन्नत अंतरिक्ष कार्यक्रम हैं। उन्होंने लिखा कि ब्रिटेन को अंतरिक्ष कार्यक्रमों वाले देशों में इतनी अग्रिम सहायता नहीं भेजनी चाहिए कि वे चंद्रमा के दूसरी ओर रॉकेट उतार सके। उन्होंने लिखा भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफलतापूर्वक अंतरिक्ष यान उतारने वाला पहला देश बन गया है, तो हमने उन्हें £33.4 मिलियन की विदेशी सहायता क्यों भेजी, जो 24/25 में बढ़कर £57 मिलियन हो जाएगी।

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इस पोस्ट के बाद सोफी कोरकोरन को लोग तरह तरह से ट्रोल कर रहे हैं और उनका जमकर विरोध कर रहे हैं। जिसमे यूजर ने लिखा (ब्रिटेन )अंग्रेजों द्वारा लूटी गई कुल धनराशि S45 ट्रिलियन थी। एक उपयोगकर्ता ने टिप्पणी की, “ब्रिटेन, हमें हमारे 544.997 ट्रिलियन वापस दे दो।” जिसके बाद से 45 ट्रिलियन ट्विटर पर ट्रेड कर रहा हैं।

यह आंकड़ा अर्थशास्त्री द्वारा बताया गया था , जिसने यह दावा किया गया हैं कि ब्रिटेन ने 1765 से लेकर 1938 के बीच भारत से 45 ट्रिलियन डॉलर की निकासी की । वर्तमान में, यह यूके के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) से 15 गुना अधिक है।

भारत के खिलाफ पोस्ट डालने पर विदेशी पत्रकार को अन्य देशो के लोगो ने भी सुनाई खरी खोटी, ट्रेंड हुआ 45 ट्रिलियन

तो वही एक नॉर्बर्ट एलाइक्स नामक यूजर ने लिखा कि – ब्रिटेन अपने आप को हंसी का पात्र बना रहा है। भारत ने यूके से “तथाकथित” सहायता को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि यह उसके लिए मूंगफली थी। एक और दिलचस्प तथ्य यह है कि, अपने उपनिवेशीकरण युग के दौरान, ब्रिटेन ने भारत से 48 ट्रिलियन स्टर्लिंग पाउंड के बराबर संपत्ति लूटी थी। इतना ही नहीं, ब्रिटेन ने भारत में भी लाखों लोगों की मौत का कारण बना, उदाहरण के लिए बंगाल का अकाल।

कुछ महीने पहले ही भारत ब्रिटेन को पछाड़कर चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। चौथा तथ्य: ब्रिटेन ने अपने हालिया नए राजा के राज्याभिषेक समारोह को स्थगित कर दिया, क्योंकि वह भारी वित्तीय संकट का सामना कर रहा था और बड़े स्तर के धूमधाम ‘एन’ शो का खर्च वहन नहीं कर सकता था।

इतनी संपत्ति लूटने के बाद भी ब्रिटेन कभी चंद्रमा की सतह पर नहीं उतर सका, जबकि भारत ने 2009 में यानी 14 साल पहले चंद्रमा की सतह को छुआ था। इन सभी तथ्यों के साथ, ब्रिटेन ईर्ष्या और ईर्ष्या से उबल रहा है। ब्रिटेन को अपने द्वारा किए गए सभी अत्याचारों के लिए अपना सिर शर्म से झुका लेना चाहिए।

msn

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