उत्तर प्रदेश / यूपीराज्य

नगरीय निकायों के निर्वाचन परिणाम को चुनौती देने के लिए सक्षम न्यायालय में ही दायर होगी याचिका

उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकायों के निर्वाचन परिणामों को चुनौती देने तथा निर्वाचन के संबंध में प्रत्याशियों द्वारा निर्वाच आयोग में पुनर्मतदान एवं पुनर्मतगणना कराने के लिए प्रत्यावेदन भेजने के संबंध में स्पष्ट किया है कि नगरीय निकायों के घोषित निर्वाचन परिणाम के विरुद्ध निर्वाचन आयोग में प्रत्यावेदन देने के बजाय निर्वाचन परिणाम को चुनौती देने के लिए सक्षम न्यायालय में ही निर्वाचन याचिका दायर कर अनुतोष प्राप्त किया जा सकता है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि नगरीय निकाय निर्वाचन के रिटर्निंग ऑफीसर (निर्वाचन अधिकारी) द्वारा ज्यों ही निर्वाचन परिणाम घोषित कर दिया जाता है। आयोग का अधिकार क्षेत्र समाप्त हो जाता है तथा निर्वाचन परिणाम घोषित होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग को उसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं रह जाता। रिटर्निंग ऑफीसर (निर्वाचन अधिकारी) द्वारा निर्वाचन परिणाम घोषित किए जाने के बाद सक्षम न्यायालय में निर्वाचन याचिका दायर की जा सकती है।

आयोग ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के नगरीय निकाय निर्वाचन, 2023 के अन्तर्गत नगर निगमों के महापौरों एवं पार्षदों और नगर पालिका परिषदों/नगर पंचायतों के अध्यक्षों एवं सदस्यों के निर्वाचन सम्पन्न हो गए हैं और इनके निर्वाचन परिणाम भी घोषित हो गए हैं, फिर भी निर्वाचन के संबंध में प्रत्याशियों द्वारा आयोग में पुनर्मतदान एवं पुनर्मतगणना कराए जाने हेतु प्रत्यावेदन प्राप्त हो रहे हैं।

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