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भक्ति और आध्यात्मिकता की चरम सीमा का प्रतीक, मथुरा का पवित्र राधा कुंड

राधा कुंड सम्पूर्ण ब्रज क्षेत्र या बृजभूमि में सबसे प्रतिष्ठित स्थानों में से एक है, जो गोवर्धन पर्वत की तलहटी में स्थित है। जैसा कि नाम से पता चलता है कि यह भगवान कृष्ण की शाश्वत पत्नी, देवी राधारानी को समर्पित है। राधा कुंड रोड पर मथुरा शहर से लगभग 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित राधा कुंड मथुरा के मुख्य पर्यटक आकर्षणों में से एक है।

पौराणिक महत्व

राधा कुंड का महत्व बहुत अधिक है, क्योंकि यह स्थल भगवान कृष्ण और देवी राधारानी के प्रेम का प्रतीक है। भगवान कृष्ण ने कहा कि जो कोई भी इस कुंड में स्नान करेगा, उसे गहन प्रेम-भक्ति का आशीर्वाद मिलेगा। इसी तरह, राधारानी ने भी श्याम कुंड में स्नान किया और घोषणा की कि जो कोई भी इस कुंड में स्नान करेगा, उसे कृष्ण के प्रति प्रेम का आशीर्वाद मिलेगा।

राधा कुंड का इतिहास

मान्यता के अनुसार, जब भगवान कृष्ण ने बैल रूपी असुर अरिस्तासुर का वध किया, तो उन्होंने अपने पैर से जमीन पर प्रहार कर कुंड आकृति का निर्माण किया, जहाँ पर सभी नदी देवी रूप में प्रकट हुई और उस कुंड को पवित्र जल से भर दिया। भगवान कृष्ण ने अपने पापों को धोने के लिए इस कुंड में स्नान किया और बाद में यह जलाशय श्याम कुंड के नाम से प्रसिद्ध हुआ। श्याम कुंड के सामने राधा और उनकी सहेलियों ने भी उस जमीन को खोद कर कुंड आकृति का निर्माण किया जिसमें भगवान कृष्ण ने श्याम कुंड का पवित्र जल भर दिया। इस जलाशय को राधा कुंड कहा जाता है।

परिवहन सुविधाएँ

राधा कुंड मथुरा शहर से लगभग 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। निकटतम रेलवे स्टेशन मथुरा जंक्शन राधा कुंड से 25 किमी दूर है और निकटतम हवाई अड्डा इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई दिल्ली राधा कुंड से 165 किमी दूर है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

राधा कुंड की स्थिति क्या है?

राधा कुंड मथुरा शहर से लगभग 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

राधा कुंड का महत्व क्या है?

राधा कुंड भगवान कृष्ण और देवी राधारानी के प्रेम की कहानी को सजीव रूप से दर्शाता है और यहाँ के पवित्र जल में स्नान करने से मान्यता है कि भगवान कृष्ण के प्रति प्रेम और भक्ति में वृद्धि होती है।

राधा कुंड का इतिहास क्या है?

राधा कुंड का इतिहास ब्रजभूमि के महत्वपूर्ण महान घटनाओं से जुड़ा हुआ है, जिसमें भगवान कृष्ण ने इस कुंड को पवित्र बनाया और इसमें स्नान किया।

राधा कुंड कैसे पहुंचा जा सकता है?

राधा कुंड को पहुंचने के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन मथुरा जंक्शन है, जो इससे 25 किमी दूर है। आप यहाँ बस या ऑटोरिक्शा का भी सहारा ले सकते हैं।

राधा कुंड का यह नाम क्यों रखा गया है?

राधा कुंड का नाम इसकी महत्वपूर्ण कहानी से जुड़ा हुआ है, क्योंकि यह स्थल भगवान कृष्ण की प्रेमिका, देवी राधारानी को समर्पित है।

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