हिमाचल प्रदेशBreaking Newsभारतमौसम

सावन के सोमवार पर हिमाचल में भारी बारिश के चलते शिवमंदिर ढहा, 50 श्रद्धालु दबे

हिमाचल प्रदेश में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया। शिव मंदिर में पूजा करने गए श्रद्धालु भूस्खलन की चपेट में आ कर घायल हो गए।

आपको बता दे कि शिमला के समरहिल इलाके में ये हादसा हुआ। यहां शिव मंदिर भूस्खलन की चपेट में आ गया। इसके चलते करीब 50 लोग मलबे में दब गए। पुलिस और प्रशासन द्वारा रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।

रविवार देर रात हिमाचल प्रदेश में भारी मात्रा में बारिश के कारण वहां पर भारी विनाश देखा जा सकता हैं इस, बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया हैं घातक बारिशों के कारण भूस्खलनों की स्थिति पैदा हो रही है। हिमाचल प्रदेश के सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक है सोलन जिला, और मंडी शामिल हैं, जहां पर रविवार देर रात बादल फटा हैं, सोलन जिले मे बादल फटने से सात लोगों की मौत भी हो गई है। जबकि मंडी में बादल फटने से कई लोग लापता हो गए हैं। भूस्खल के कारण हिमाचल प्रदेश की कई सड़कें बंद हो गई हैं।

बादल फटने के दौरान गांव के दो मकानों और एक गौशाला बह गई

पिछले कुछ घंटों में निरंतर मूसलाधार वर्षा दिखाई दी, जिससे हिमाचल प्रदेश के अनगिनत क्षेत्रों में तबाही की घटनाएँ घटीं। सोलन जिले में स्थित यहां की रमणीय प्राकृतिक सौंदर्य से बहुत दूर, बादलों के फटने के परिणाम स्वरूप जल स्तर में बढ़ोतरी हुई और तेज बाढ़ की समस्या पैदा हुई। पानी का बहाव और बादल फटने के दौरान गांव के दो मकानों और एक गौशाला बह गई हैं , जिससे पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग अब भी ग़ायब हैं। बचाव टीमों के समय रहती कार्रवाई ने पांच लोगों की जान बचायी हैं भूस्खलनों के कारण कई सड़कें और हाईवे बंद हैं, जिससे राज्य में सामान्य जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।

Himachal Pradesh : सोलन जिले में खौफ़नाक हालात

सोलन जिले की जानकारी के अनुसार गांव जादोन डाकघर में अचानक से बादल फटा जिसने दो मकानों और एक गोशाला को बहा दिया, इसमें सात लोगों की मौत हो चुकी है। जिनमें चार पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। मृतकों में नाम हरनाम (38), कमल किशोर (35), हेमलता (34), राहुल (14), नेहा (12), गोलू (8), और रक्षा (12) शामिल हैं। कांटा देवी को चोटें आई हैं और उसे चिकित्सा के लिए भेज दिया गया है। बचाव टीमों ने सात लोगों की जान बचाने में कामयाबी हासिल की है, जाबल गांव में भी एक गौशाला गिरने से पांच पशुओं की मौत हो गई है।

सड़कें बंद होने के कारण लोगो को करना पड़ रहा चुनौतियों का सामना

बादल के फटने के बाद कई क्षेत्र की सड़के हिमाचल प्रदेश में बंद हो गई हैं, जिससे कई समुदाय अपने राज्य से अलग हो गए हैं। मशहूर शिमला-कालका सड़क, डैगशाई के पास, अब बंद हो गई जिससे परिवहन में बड़ी असुविधा पैदा हुई है। इसी बीच, सोलन जिले में डाड़ला मोड-बैरी सड़क बंद हो गई है, जिससे यातायात को वैकल्पिक मार्गों के माध्यम से डिवर्ट किया जा रहा है। धर्मशाला-शिमला सड़क अभी भी डैगशेच के पास बंद है, और शिमला शहर में फागली-खलिनी सड़क लालपानी पुल पर अवरुद्ध है। इन सड़कों की बंदी से समुदायों को अलग होने की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। धर्मशाला शिमला रोड अभी तक दगसेच के पास बंद है। घुमारवीं विधानसभा के तलवाड़ा के ढटोह गांव में बड़ा भूस्खलन हुआ है। प्रशासन ने कुछ घर खाली कराए हैं। बड़सर विधानसभा क्षेत्र के ब्याड के पास एक कार पानी के तेज बहाव की चपेट में आई। गाड़ी में सवार तीन लोगों में से दो को पुलिस टीम ने रेस्क्यू किया।

लोगो के घर खाली करवाए गए

घटना की गंभीरता और स्थिति का जायजा लेने के लिए बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल मौके पर हिमाचल पहुंच गए हैं। मंडी की मझबाड़ पंचायत में बादल फटा है। जिसमे मलबे के नीचे दो आदमी दब गए हैं, जबकि कुछ लोग लापता भी हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। घुमारवीं के तियूनखास तियूड़ी गांव में भूस्खलन के कारण लगभग 11 परिवारों के घर खाली करवाए गए हैं।

अधिक जानकारी के लिए पढ़ते रहिए मेधज न्यूज़

Read more…Himachal Pradesh : बादल फटने से आयी प्रलय, लोगो के कराये गए घर खाली, जारी किया गया ऑरेंज अलर्ट

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button