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सिद्ध शक्तिपीठ मां विंध्यवासिनी मंदिर, मिर्जापुर

मां विंध्यवासिनी मंदिर विंध्याचल धाम के रूप में भी प्रसिद्ध है, उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के विंध्याचल शहर में स्थित है। इस मंदिर का भारतीय साहित्य और संस्कृति में अत्यधिक महत्व है और यहां पर्व, महोत्सव और विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं। मां विंध्यवासिनी मंदिर विंध्याचल के पावन स्थलों में से एक है, जो भारतीय धर्म और संस्कृति के अत्यधिक महत्वपूर्ण तथ्यों को प्रकट करता है। यह स्थल आध्यात्मिक अनुभव का स्रोत है और भक्तों के लिए आत्मा की शांति का स्थान है।

विंध्याचल की अधिष्ठात्री देवी

मां विंध्यवासिनी, विंध्याचल धाम मिर्जापुर की अधिष्ठात्री देवी हैं। विंध्याचल धाम के इस पावन स्थल पर मां विंध्यवासिनी का आशीर्वाद पाने के लिए भारी संख्या में भक्त उमड़ते हैं। विंध्यवासिनी देवी को काजला देवी के नाम से भी जाना जाता है।

भगवान राम का भ्रमण

यहां का धार्मिक महत्व केवल मां विंध्यवासिनी की ही नहीं है बल्कि इस स्थल पर भगवान राम ने भी अपने वनवास काल में पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ भ्रमण किया था। इसलिए यहां का आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व है।

मां विंध्यवासिनी के रूप

दुर्गा सप्तशती में मां विंध्यवासिनी को महिषासुर मर्दिनी के रूप में वर्णित किया गया है। किंवदंती के अनुसार, देवी दुर्गा और दानव महिषासुर के बीच प्रसिद्ध युद्ध विंध्याचल में ही हुआ था। विंध्याचल दुनिया का एकमात्र स्थान है जहां देवी के तीनों रूपों यथा लक्ष्मी, काली और सरस्वती को समर्पित विशिष्ट मंदिर हैं।

त्रिकोण परिक्रमा

मां विंध्यवासिनी मंदिर से 8 किमी दूर विन्ध्य पर्वत श्रृंखला की एक पहाड़ी पर मां सरस्वती देवी का मंदिर स्थित है, जिसे अष्टभुजा मंदिर कहा जाता है। विंध्यवासिनी मंदिर से 6 किमी दूर एक गुफा में मां काली देवी का मंदिर स्थित है, जिसे काली खोह मंदिर कहा जाता है। राक्षस रक्तबीज को मारने के लिए देवी दुर्गा जी ने माँ काली का अवतार लिया था। तीनों देवियों के मंदिरों का दर्शन व उनसे बने त्रिकोण की परिक्रमा का विशेष महत्व है। देश के कोने-कोने से आने वाले तीर्थयात्री तीनो देवियों के मंदिरों से बने त्रिकोण की परिक्रमा करते हैं।

आध्यात्मिक महत्व

मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर विश्वभर से आने वाले भक्तों के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव का स्रोत है। यहां के मंदिरों में ध्यान की गहरी अवस्था में प्रवेश करने का मौका मिलता है, जिससे आत्मा की शांति और सुकून का अनुभव होता है। यहां के प्राचीन मंदिर और वातावरण आत्मा को पुनर्जीवन की अनुभूति कराते हैं और व्यक्ति को आध्यात्मिक दर्शन का अवसर प्रदान करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

क्या मां विंध्यवासिनी मंदिर में भक्तों के लिए आवास की सुविधा है?

हां, मां विंध्यवासिनी मंदिर के पास आवास की सुविधा उपलब्ध है।

विंध्याचल धाम में देवी के किन -किन रूपों को समर्पित मंदिर हैं?

विंध्याचल धाम में देवी के तीनों रूपों यथा लक्ष्मी, काली और सरस्वती को समर्पित विशिष्ट मंदिर हैं।

क्या मां विंध्यवासिनी मंदिर पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है?

हां, मां विंध्यवासिनी मंदिर पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है और विंध्याचल क्षेत्र के पर्यटक यहां आकर्षित होते हैं।

विंध्याचल धाम की अधिष्ठात्री देवी कौन हैं?

मां विंध्यवासिनी, विंध्याचल धाम मिर्जापुर की अधिष्ठात्री देवी हैं।

विंध्याचल धाम उत्तर प्रदेश के किन प्रसिद्ध शहरों के मध्य स्थित है?

विंध्याचल धाम उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के विंध्याचल शहर में स्थित है, जो प्रयागराज और वाराणसी के बीच में स्थित है।

Read more….जयपुर में स्थित एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल

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