कविता - ना तुझे पाने की खुशी है न तुझे खोने का गम

Medhaj News 4 Jul 20 , 16:48:26 Special Story Viewed : 29056 Times
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एक एहसास तुझमें भी है ,एक जज्बात मुझमें भी



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ना तुझे पाने की खुशी है न तुझे खोने का गम |

ये ख़ुशी और गम है सिर्फ कुछ लम्हो का मरहम ||  

क्या अजब सी कश्मकश है,भरी जिंदगी में |

जिंदगी में ख़ुशी तो है मगर,गम से कुछ कम ||


अपने में कमी क्या है, सोच पाना है मुश्किल |

हमेशा खुश रह कर गम को,  झेलना और है मुश्किल ||

मेरे गमो ने बस इतना ही सिखाया है, हमे |

किसी कि याद में रहकर जीना और भी है मुश्किल ||


तुम्हे देखकर ये दिल, एहसास क्यों नहीं करता |

सदियों से बंधी आस, बागवत  क्यों नहीं करता ||

कभी जिंदगी से थी जो शिकायत, हमें |

वही शिकायत ज़माने से क्यों नहीं  करता ||  


मेरी इबादत में साथ देने का, मन क्यों नहीं करता |

मिले हर दुखो को सह कर, आज तक जीना नहीं आया ||

खुशियाँ तो चाहते है मगर.. दुखो का जहर पीना नहीं आया |

खुशी और गम मे फर्क बस है इतना,

मुझे हसना नहीं आया, उसे रोना नहीं आया ||



----अजय कुमार कुशवाहा(H.O)-----



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