कविता - सृजन की चाह

Medhaj News 6 Jul 20 , 14:46:24 Special Story Viewed : 1844 Times
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1)संपूर्ण रथयात्रा

2)सीमा के हालात



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काव्य सृजन की लिए लालसा

गुरु चरणों में मैं आया

मन इस विस्तृत वितान पर

सप्त रंग  है बिखराया


पोथी पत्रे पढ़े अनेकों

क्षुधा ज्ञान की मिटी नहीं

तारतम्य ही बैठ न पाये

कड़ियां जुड़ती और कहीं

आज सिखा दो भाव बाँधना

आशा यह लेकर आया

काव्य सृजन..................


बिंब अनेकों मन में उठते

रूपक में कैसे ढालूँ

न्याय यथोचित कर पाऊंगा

संशय यह मन में पालूं

कैसे इनको आज सहेजूँ

कोई नहीं बता पाया

काव्य सृजन..................


शिल्प सुगढ़ हो प्रखर लेखनी

इसका नित अभ्यास करूँ

एकलव्य से प्रेरित होकर

खुद ही नित अभ्यास करूँ

कैसे साधूँ नव लेखन को

नहीं समझ में यह आया

काव्य सृजन..................


कोई ऐसा गुरु मिल जाये

दीक्षा सही प्रकार करे

सृजनात्मकता की सब त्रुटियाँ

सही समय परिहार करे

संदीपनि वशिष्ठ ने जैसे

राम-श्याम को दिखलाया

काव्य सृजन..................


काव्य सृजन की लिए लालसा

गुरुओं के द्वारे आया

साधक बन कर सब सीखूंगा

इतना बतलाने आया



----प्रवीण त्रिपाठी(नोएडा)----


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    Comments

    • Bahut shandarrrr......

      Commented by :Sapna
      08-07-2020 14:55:12

    • स्वाध्याय सम्बन्धी टिप्पणि में नाम रह जाने से प्रेषण किया जा रहा है . प्रोफ़ेसर राकेश चन्द्र नौटियाल

      Commented by :???????? ????? ?????? ???????
      07-07-2020 20:51:07

    • स्वाध्याय हमारी शिक्षा-संस्कृति और ज्ञानार्जन की विशेष विधि रही है . ज्ञान -पिपासु होना इसकी प्रमुख शर्त है . एकलव्य को गुरु मान रचना कर्म जारी रखो और साथ ही अध्ययन भी .प्रतिभा और निखर उठेगी. शुभकामनायें .

      Commented by :????????? ?? ?? ???????
      07-07-2020 20:41:24

    • Very nice

      Commented by :Kunal chandra
      06-07-2020 22:22:30

    • Nice line

      Commented by :Pravesh Kumar Satyarthi
      06-07-2020 20:35:56

    • Nice one

      Commented by :Mithilesh Kumar Singh
      06-07-2020 19:20:02

    • Awesome line

      Commented by :Ashish kumar nainital
      06-07-2020 19:19:53

    • Nice line

      Commented by :BAL GANGADHAR TILAK
      06-07-2020 17:51:15

    • Good one

      Commented by :Arpit Pandey
      06-07-2020 17:34:45

    • Nice

      Commented by :Nidhi Azad
      06-07-2020 17:22:41

    • Nice

      Commented by :Amit Kumar
      06-07-2020 17:13:21

    • Nice poem

      Commented by :Ajay Kumar Azad
      06-07-2020 16:53:48

    • Nice poem

      Commented by :Md Shahnawaz
      06-07-2020 16:41:02

    • Nice poem

      Commented by :Chandra Mohan
      06-07-2020 15:13:37

    • Nice doha

      Commented by :Md Nazir
      06-07-2020 15:12:42

    • nice poem

      Commented by :Ajay kushawaha
      06-07-2020 14:53:21

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