कविता - बता कैसे

Medhaj News 20 Jul 20 , 17:31:35 Special Story Viewed : 6181 Times
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बता कैसे चाहे तुझे

चांद के चकोर सा,

रात के भोर सा,

अंधेरे के इंजोर सा

पंछियों के शोर सा,

सावन के मोर सा,

दरिया के छोर सा !


बता कैसे मांगे तुझे  

भूखों के रोटी सा,

सागर के मोती सा,

आँखों
के ज्योति सा,

जिंदगी की आस सा,

सागर के प्यास सा,

इश्क़ के इतिहास सा!


बता कैसे मनाएं तुझे

अलादिन के जिन्न सा,

राधा के कृष्ण सा,

मृग के तृषन सा,

हृदय के प्रीत
सा,

प्रेम के गीत सा,

मन के मीत 
सा!

बता कैसे जताए तुझे

तलवारों के वार सा,

बादलों के धार सा,

बंसत के बयार सा,

गीतों के राग सा,

विरहन के आग सा,

प्रेम के बाग सा!



----पंकज कुमार(देवरिया)----


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