कविता - शर्मिन्दा हूँ फिर भी मै जिन्दा हूँ (दया संग्रह)

Medhaj News 30 Jun 20 , 15:04:43 Special Story Viewed : 15542 Times
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मेरी पिछली कविता पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें----> ऐ जिंदगी तू कितनी खूबसूरत है



हारा हुआ मुसाफ़िर हूँ ख़ुद से ही शर्मिन्दा हूँ

समझ नहीं आता है कि क्यों अब तक मैं जिन्दा हूँ

जिन जिन को खुशियाँ देने मे लगा रहा

अफसोस वो कभी खुश हो न सके


सुख का दामन भी भर न सका

अरमान सभी ठुकरा कर के

आज खड़ा लाचार अकेले

खोज रहा उन लमहों को

आखिर चूक कहाँ हो गई


पूरा करने मे उन सपनों को

व्यर्थ हुआ जीवन मेरा

इस सोच के साथ बस जिन्दा हूँ

सचमुच बहुत शर्मिन्दा हूँ फिर भी मै जिन्दा हूँ।



आपकी समीक्षाओं/ प्रतिक्रियाओं की अपेक्षा में--->

---श्री दया प्रकाश पाठक (दया संग्रह)---



कविता - वफ़ादारी


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    Comments

    • Muzey laga ki aapney to yeh mere liye he liking hai. Laga hai sabhi ok kush karne key liye apne aap ko he book gaya tha mai. Katy satya hai yeh is manush janak main aaney la. Aabhaar ok bar fir sey.

      Commented by :Chander Shekhar
      13-07-2020 05:08:02

    • प्रभव हीन काव्य, शब्दों का संग्रह मात्र।

      Commented by :?????
      05-07-2020 17:11:45

    • पढ़कर ऐसा प्रतीत होता है जैसे किसी ने मेरी आप बीती व्यक्त कर दिया है ।

      Commented by :Rachana dubey
      02-07-2020 15:03:36

    • स्वतःस्फूर्त सशक्त भावनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति

      Commented by :Lata pandey
      02-07-2020 14:09:14

    • अंतर्मन की व्यथा सी प्रतीत होती पक्तियां।।

      Commented by :Gyan Prakash
      02-07-2020 11:48:32

    • Very nice

      Commented by :Kunal chandra
      02-07-2020 09:29:05

    • हृदय को छु लिया आपकी रचनाओं ने l ईश्वर से विनती है कि आप की रचना जन जन की अवाज बने l शुभकामनाओ के साथ!

      Commented by :Dharam vir kumar
      02-07-2020 05:19:58

    • दिल को छू लिया।

      Commented by :????????
      02-07-2020 00:43:58

    • सुंदर कृति

      Commented by :Sudha
      01-07-2020 15:02:37

    • Ye mera jeevan hai jo aapne shabdo me piro piro diya......

      Commented by :Riya
      01-07-2020 12:49:30

    • सुंदर पंक्तियां ...... ही कविता नहीं होती। लिखने से पहले कविता को समझें। सिद्ध कविताएं पढ़ें।

      Commented by :Rajendra Dubey
      01-07-2020 09:39:23

    • सुंदर पंक्तियां ...... ही कविता नहीं होती। लिखने से पहले कविता को समझें। सिद्ध कविताएं पढ़ें।

      Commented by :Rajendra Dubey
      01-07-2020 09:39:22

    • Nice line

      Commented by :Amit Kumar
      01-07-2020 00:24:26

    • Nice

      Commented by :Rakesh Rohilla
      30-06-2020 23:02:20

    • Nice line

      Commented by :Pravesh Kumar Satyarthi
      30-06-2020 21:39:39

    • Nice

      Commented by :BAL GANGADHAR TILAK
      30-06-2020 19:22:21

    • Nice

      Commented by :uday Parte
      30-06-2020 18:53:33

    • nice

      Commented by :Sushil Kumar Gautam
      30-06-2020 18:20:43

    • Nice Iines

      Commented by :Sirajuddin Ansari
      30-06-2020 17:52:27

    • Nice

      Commented by :Amit
      30-06-2020 16:08:51

    • Very Nice poem

      Commented by :Vartika Mishra
      30-06-2020 16:08:14

    • Heart touching lines

      Commented by :Md Nazir
      30-06-2020 16:07:39

    • Good creation.

      Commented by :Zain
      30-06-2020 16:07:32

    • Nice Poem

      Commented by :BHUPENDRA MAHAYACH
      30-06-2020 16:04:31

    • Heart touching poetry sir...

      Commented by :Ajay Kumar Azad
      30-06-2020 15:55:53

    • No word to say

      Commented by :Samshad Khan
      30-06-2020 15:35:51

    • Nice poem

      Commented by :Vaibhav Raj Singh
      30-06-2020 15:31:03

    • Nice poem

      Commented by :Md Shahnawaz
      30-06-2020 15:30:08

    • Wonderful lines....Feeling similar

      Commented by :Bhawana Maurya
      30-06-2020 15:28:44

    • nice poem

      Commented by :Arif Ahamad
      30-06-2020 15:24:32

    • Nice poem

      Commented by :Vikash Kumar sinha
      30-06-2020 15:23:04

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