कविता - मेरे हाथ की लकीरें

Medhaj News 25 Jul 20 , 16:57:38 Special Story Viewed : 11897 Times
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मेरे हाथ की लकीरें क्या,

बदलेंगी मेरी रुठी किस्मत,

जब किस्मत पहले से ही कुछ जुदा थी ।

जिसमें लिखा तो है, मिलेगी सफलता मुझे,


लेकिन मंजिले दिखाई दी, कही गुम सी मुझे ।

लोगों से सुना है, मंजिल और सफलता,

दोनों मे बहुत ही गहरा, होता है नाता ।

लेकिन सफलता उन्ही को मिलती है,


जिनकी मंजिलों से रहता है याराना;

जो बंद हथेली है, मेरी उसमे,


ना मिल पाने से सहमी मेरी, 

कैद है सफलता, एक पपीहे सी ।

मेरे हाथ की लकीरें क्या,


बदलेंगी मेरी रुठी किस्मत,

जब किस्मत पहले से ही कुछ जुदा थी ।

हाथों की लकीरो के, मध्य में किस्मत मेरी ,

हसती-मुस्कराती दिखाई दी, एक बंद पिंजरे सी !


जो हमेशा खुलती है बस मेंहनत की तपिश से,

निरन्तर कोशिश करते रहने वालों की ,

किस्मत की सीढ़ी हमेशा उचांई को छूती है

मेरे हाथ की लकीरें क्या,


बदलेंगी मेरी रुठी किस्मत,

जब किस्मत पहले से ही कुछ जुदा थी ।  



------Ajay(H.O)-----



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    Comments

    • Nice poem

      Commented by :Ravi Ranjan kumar
      31-07-2020 23:29:04

    • Nice

      Commented by :Sandeep kumar yadav
      29-07-2020 22:14:25

    • Nice poem...

      Commented by :Anshika
      27-07-2020 16:36:44

    • Nice

      Commented by :Renu
      26-07-2020 17:44:58

    • Good ahed

      Commented by :Sobha
      26-07-2020 14:09:44

    • Superb

      Commented by :Santu Kumar Singh
      26-07-2020 12:32:34

    • Nice

      Commented by :Tina
      26-07-2020 10:00:23

    • Very beautiful lines

      Commented by :Mani Shankar
      25-07-2020 22:40:40

    • Nice lines

      Commented by :Md Nazir
      25-07-2020 22:30:26

    • Nice

      Commented by :Nidhi Azad
      25-07-2020 21:47:37

    • Nice.......

      Commented by :Vinay Kumar
      25-07-2020 21:38:22

    • Very nice poetry

      Commented by :Ajay Kumar Azad
      25-07-2020 21:35:41

    • Shreya

      Commented by :Love ? poem
      25-07-2020 20:13:56

    • Very Nice

      Commented by :BHUPENDRA MAHAYACH
      25-07-2020 19:23:14

    • Nice

      Commented by :Vivek Gupta
      25-07-2020 19:08:56

    • Nice poem

      Commented by :Rinku Ansari
      25-07-2020 19:06:13

    • nice

      Commented by :Sushil Kumar Gautam
      25-07-2020 18:52:59

    • Nice

      Commented by :Md Shahnawaz
      25-07-2020 18:48:44

    • Nice

      Commented by :Lalit khandelwal
      25-07-2020 18:45:59

    • Nice line

      Commented by :BAL GANGADHAR TILAK
      25-07-2020 18:21:30

    • Nice

      Commented by :Ajay Kumar
      25-07-2020 18:01:40

    • Badl skti h...kuch kaha nhi ja skta

      Commented by :Ajnabi
      25-07-2020 17:56:35

    • Nice

      Commented by :Priyanshu kumar Priyadarshi Samastipur
      25-07-2020 17:51:51

    • Nice

      Commented by :Pawan Tiwari
      25-07-2020 17:47:56

    • Good

      Commented by :Vishal khandelwal
      25-07-2020 17:29:40

    • Nice line

      Commented by :Mazhar
      25-07-2020 17:12:28

    • Good

      Commented by :Priya
      25-07-2020 17:08:36

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