कविता - रक्षाबंधन

Medhaj News 4 Aug 20 , 11:28:11 Special Story Viewed : 2589 Times
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1)  मेरी अभिलाषा​

2)  तन्हाई​

3)  मध्यम वर्गीय

4) झूठ की दुनिया​



भाई बहन का प्यार

नहीं एक दिन का त्यौहार​

रक्षाबंधन तो केवल एक बहाना है |


बहना बांँधे राखी

भाई दे उपहार

साथ तो जीवन भर निभाना है| 


झगड़ों में है प्यार

गुस्से में देखभाल

है प्यारा रिश्ता ,नहीं कोई दिखावा है |


बहना मेरी सबसे भोली

प्यारी सी मासूम कली

रहे वो खुश हर पल बस यही प्रार्थना है| 


बहना मांगे पुस्तक

तो भैया तोड़े गुल्लक

रूठी बहना को भैया को मनाना है | 


भैया मेरा सबसे न्यारा

रखता हर पल ख्याल हमारा

करे तरक्की खूब बस यही कामना है |


करते हैं नोकझोंक

आपस में तकरार

नहीं रह सकते एक दूसरे बिन

फिर भी एक दूसरे को सताना है |


दूर रहकर भी है पास 

भाई बहन के रिश्ते बेहद खास

है प्यारा रिश्ता,नहीं कोई बहाना है| 


आया रक्षाबंधन का त्यौहार​

लाया खुशियों की सौगात

बड़े धूमधाम से इसको मनाना है |



----स्वरचित----

ललित खंडेलवाल


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