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डरते हो

Medhaj News 25 Nov 20 , 15:55:14 Special Story Viewed : 2432 Times
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अमां यार...

इश्क की गली में आकर जमाने से डरते हो,

भविष्य बदल देने वाले फ़साने से डरते हो;

★★★

ये तो वही बात हुई कि...

मयखाने में बैठते हो और पैमाने से डरते हो,

नशीली शराब पीकर बहक जाने से डरते हो;

★★★

मुझे लगता है कि...

शायद कुछ-कुछ पानी जैसा ही वज़ूद है तुम्हारा,

इसीलिए आग से मिलने पर सूख जाने से डरते हो;

★★★

या फिर किसी कशमकश में उलझे हुये हो तुम...

इश्क के भँवर में खुद को भूल जाने से डरते हो,

या फिर ताउम्र कोई रिश्ता निभाने से डरते हो।

★★★

---भावना मौर्य---


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