महाराणा प्रताप जयंती

महाराणा

महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई, 1540 को कुंभलगढ़ में हुआ था लेकिन सन 1540 . में इस दिन ज्येष्ठ मास की तृतीया तिथि थी, इसलिए हिंदी पंचांग के अनुसार इस बार महाराणा प्रताप की 481वीं जयंती 13 जून 2021 दिन रविवार को मनाई जाएगी।महाराणा प्रताप की माता का नाम जयवंता बाई था, जो पाली के सोनगरा अखैराज की बेटी थी। अकबर के पास बहुत बड़ी सेना और हथियार थे परंतु महाराणा प्रताप के पास उनका शौर्य, वीरता थी।

महाराणा प्रताप के शासनकाल में सबसे रोचक तथ्य यह है कि मुगल सम्राट अकबर बिना युद्ध के प्रताप को अपने अधीन लाना चाहता था इसलिए अकबर ने प्रताप को समझाने के लिए चार राजदूत नियुक्त किए लेकिन राणा प्रताप ने चारों को निराश किया, इस तरह राणा प्रताप ने मुगलों की अधीनता स्वीकार करने से मना कर दिया जिसके परिणामस्वरूप हल्दी घाटी का ऐतिहासिक युद्ध हुआ।हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप के पास मात्र 20 हजार सैनिक थे और अकबर के पास 85 हजार सैनिकों की बड़ी सेना थी। यह युद्ध तो अकबर जीत सका और ही महाराणा प्रताप पराजित हुए।

महाराणा प्रताप के घोड़े का नाम चेतक था। चेतक भी महाराणा प्रताप की तरह बहुत बहादुर था।  इतिहास के मुताबिक युद्ध भूमि में चेतक ने महाराणा प्रताप को अपनी पीठ पर बिठाकर कई फीट चौड़े नाले से छलांग लगा दी थी।युद्ध में घायल होने के कारण चेतक की मृत्यु हो गई थी। आज भी चेतक की समाधि हल्दी घाटी में बनी हई है।

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