मनुष्य को बुरे वक्त में इन चीजों का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए

चाणक्य

चाणक्य अनुसार हर व्यक्ति के जीवन में बुरा वक्त आता है। लेकिन इस बुरे वक्त से वे ही लोग उभर पाते हैं जो इन चीजों का साथ नहीं छोड़ते हैं। उनका मानना था कि व्यक्ति की पहचान संकट यानि बुरा समय आने पर ही होती है। बुरे वक्त में जो धैर्य और संयम को नहीं त्यागता है वही इस बुरे वक्त से बाहर निकल पाता है। इसके अतिरिक्त उन्होनें कुछ और चीजों के बारे में भी बताया है जिन्हे मनुष्य को नहीं त्यागना चाहिए।

परिवार के प्रति जिम्मेदारी

संकट के समय परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभाना आपका पहला कर्तव्य होना चाहिए।मनुष्य के जीवन में जब बुरा समय जाए तो इससे घबराना नहीं चाहिए। बुरे वक्त को धैर्य के साथ गुजारना चाहिए। जो लोग धैर्य को त्याग देते हैं उनका जीवन संकटों से भर जाता है।

सेहत का ध्यान

संकटकाल परिस्थिति में सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सेहत के साथ साथ मनुष्य का खराब समय हो तो उसे क्रोध से बचना चाहिए। बुरे समय में क्रोध आग में घी का काम कर सकता है।

ठोस रणनीति

जब व्यक्ति मुसीबत के समय उससे उभरने के लिए कोई रणनीति बना लेता है तब उसे मुसीबत से उभरने में काफी मदद होती है। कितना ही खराब समय जाए व्यक्ति को बैठे नहीं रहना चाहिए. लगातार परिश्रम करते रहना चाहिए। परिश्रम ही व्यक्ति को इस संकट से निकलने में मददगार होता है।

धन का उचित प्रबंधन

जिस व्यक्ति के पास संकट के समय धन का अभाव होता है उसके लिए संकट से उभरपाना बड़ा ही कठिन हो जाता है। संकट के समय अच्छा मित्र भी किसी धन से काम नहीं होता है। उसकी सहायता से कोई भी संकट बड़ी आसानी से पार किया जा सकता है।

Share this story