कौन से पुष्प पसंद हैं देवी देवताओं को ?

me vo hun jo tum soch nahi sakte


हिन्दू धर्म में कोई भी पूजा पुष्प के बिना अधूरी होती है।  चाहे कोई भी तीज या त्यौहार हो फूलों की सजावट अति प्रिय मानी जाती है। आज हम बात करेंगे कि किस देवी-देवता को कौन सा फूल अति प्रिय है। भगवान अपने भक्त को छप्पन प्रकार का भोग लगा कर पूजा करने के लिए नहीं कहते हैं। वे तो केवल आपके सच्चे भक्ति-भाव से ही प्रसन्न हो जाते हैं। यह भी मान्यता है के भगवान को पुष्प अर्पित करने से साड़ी मनोकामना पूरी हो जाती है। शास्त्रों में देवी-देवताओं को फूल चढ़ाने के बारे में कुछ इस तरह वर्णन किया गया है।

    दैवस्य मस्तकं कुर्यात्कुसुमोपहितं सदा। 

अर्थ- देवता का मस्तक या सिर हमेशा फूलों से सुशोभित रहना चाहिए। 


शिव जी 

भगवान् शिव को धतूरा और बेलपत्र  बहुत प्रिय हैं। इसके अलावा चमेली, श्वेत कमल, शमी, मौलसिरी, पाटला, नागचंपा, शमी, खस, पलाश, बेलपत्र, केसर उन्हें खास प्रिय हैं। 

गणेश जी 

ऐसा माना जाता है के गणेश जी को पुष्प चढ़ाने से लोगो की मान्यता जल्दी पूरी होती है। गणेशजी की पूजा करते समय ये ध्यान रखे  की  उनको कभी भी तुलसी न चढ़ाये गणेश जी को दूर्वा जिसे घास भी कहते हैं बहुत ही प्रिय होती है।

विष्णु जी 

भगवन विष्णु को तुलसी अत्यंत पसंद है। तुलसी के अलावा कमल, बेला, चमेली, गूमा, खैर, शमी, चंपा, मालती, कुंद आदि फूल विष्णु को प्रिय हैं।

हनुमान जी 

हनुमान जी को कोई भी सुगन्धित पुष्प पसंद है वैसे आम तौर पर उनको लाल फूल अर्पित किये जाते है। 

सूर्य भगवान् 

भगवान् सूर्य को आक का फूल बहुत पसद है। ड़हुल, कनेल, शमी, नीलकमल, लाल कमल, बेला, मालती आदि चढ़ाया जाता है। ध्यान रहे कि सूर्य भगवान्  पर धतूरा, अपराजिता, अमड़ा और तगर कभी न चढ़ाएं।

पार्वती जी 

भगवान शंकर को जो भी फूल पसंद हैं, देवी पार्वती को वे सभी फूल चढ़ाए जा सकते हैं।  बेला, चमेली, केसर, श्वेत कमल, पलाश, चंपा, कनेर, अपराजित आदि फूलों से भी देवी की पूजा की जाती है। 

शनिदेव

शनिदेव को नीला फूल अत्यंत पसंद है।
 

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